सक्सेस स्टोरीज

इमरत बाई की जीविका का सहारा बना आजीविका मिशन

भोपाल : गुरूवार, सितम्बर 28, 2017, 19:28 IST

मध्यप्रदेश आजीविका मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंदों के लिये जीविका उपार्जन का बेहतर माध्यम बन गया है। इसका जीवन्त उदाहरण विदिशा जिले के सिरोंज विकासखण्ड के ग्राम वीरपुर में देखा जा सकता है।

ग्राम वीरपुर की इमरत बाई जाटव परम्परागत खेती करके अपना गुजर-बसर करती थी। आजीविका मिशन के अधिकारियों ने उनके गाँव पहुँचकर इमरत बाई को समूह बनाकर काम करने की समझाइश दी। इमरत बाई ने महिला समूह बनाया। समूह से आर्थिक मदद लेकर ड्रिप-मल्चिंग पद्धति से एक बीघा जमीन में मिर्च लगायी। इससे उन्हें 60 हजार रुपये का फायदा हुआ। दूसरे वर्ष सब्जी उत्पादन से उन्हें 80 हजार रुपये की आय हुई। कृषि से बढ़ी हुई आय से उसका उत्साह बढ़ा।

इमरत बाई ने अपने पति रामदयाल को समूह से राशि दिलाकर राज मिस्त्री के औजार खरीद कर दिलवाए। पति-पत्नी की कड़ी मेहनत से परिवार की माली हालत में सुधार आया। इमरत बाई का परिवार पहले दूसरे के खेतों में काम करा करता था, आज खुद का काम करके आर्थिक रूप से सक्षम हो गया है। रामदयाल की बढ़ी आमदनी से उन्होंने बैंक लोन के माध्यम से ट्रेक्टर-ट्रॉली खरीदी। आज वे गाँव में आर्थिक रूप से सम्पन्न लोगों में गिने जाते हैं। वीरपुर के इस समूह को बैंक से लगातार लेन-देन करने के कारण बैंक लिंकेज का फायदा भी मिला है।

वीरपुर के सफल समूह से आसपास के गाँव की अन्य महिलाओं को समूह बनाने की प्रेरणा मिली है। इन महिलाओं को भी मध्यप्रदेश आजीविका मिशन द्वारा समझाइश दी जा रही है।


मुकेश मोदी
पटेल कृषि फार्म के मार्के से बिक रहा है एप्पल बैर
मछली पालन में पारंगत सुरेश को मिलेगा राज्य स्तरीय पुरस्कार
अब गुड़ और दलिया खाकर स्कूल जाता है सहरिया परिवार का छोटू
वंश के बोल पर मिली तालियों की गड़गड़ाहट
नर्मदा सेवा समिति हीरापुर ने श्रमदान से बना दिया एक हजार बोरियों का बंधान
"एक सड़क ने बदला गांव का जीवन : खुले तरक्की के द्वार"
स्व-रोजगार योजनाओं की मदद से युवा वर्ग बन रहे उद्यमी
सरकारी योजनाओं से कमजोर वर्गों को मिल रही नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा
आर्थिक नुकसान की आशंका से मुक्त हुए किसान
कस्टम हायरिंग सेंटर चलाने वाला प्रदेश का पहला महिला स्व-सहायता समूह
ग्राम हड़हा वासियों को मिले पक्के घर
ग्रामीण महिलायें बनीं स्वावलम्बी : गाँव हुए खुशहाल
मन की बात से प्रेरित होकर बना दिया डेयरी का आधुनिकतम संयंत्र
व्यवसायी स्वयं घर आते हैं बेर खरीदने
मिसाल बने युवा उद्यमी गौरव : मुख्यमंत्री ने दी शाबाशी
मुख्यमंत्री की किसान हितैषी घोषणाओं से किसान हुए खुशहाल
स्व-रोजगार योजनाओं से युवा बन रहे स्वावलंबी
बड़ी बीमारी के इलाज में बड़ा सहारा बनीं सरकारी योजनाएँ
छिंदवाड़ा जिले के फ्लोराइड क्षेत्र में मिलने लगा शुद्ध पेयजल
आत्म-विश्वास से लबरेज हैं पनारी गाँव की महिलाएँ
दिव्यांग रोशनी को मिला आगे बढ़ने का हौसला
सोलर पम्प यूनिट से नरेन्द्र के खेतों में हो रही सिंचाई
युवा हिमांशु बन गए बड़े व्यवसायी
उद्यानिकी प‍द्धति से बंजर भूमि पर हो रही अनार की भरपूर खेती
मिर्ची की खेती ने राकेश को बनाया लखपति
ग्रामीणों की बैंक वाली दीदी बनीं मनीषा और कविता
अंतर्राष्ट्रीय कराटे चैम्पियनशिप में रजत पदक जीती कुमारी पायल
आत्मविश्वास से लबरेज हो चली हैं पनारी गाँव की महिलाएँ
सेनेटरी पैड बना रहीं आम्बाखोदरा की पैडवुमन हेमलता, भुरी और गुडडी
शासन की मदद से स्वावलम्बी बनी आत्म-विश्वासी सीमा
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 ...