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सफलता की कहानी

  

सुमन रानी को मिली धुआँ से निजात

भोपाल : रविवार, अक्टूबर 8, 2017, 17:55 IST
 

'पहले लकड़ियों से चूल्हा जलता था, बाजार से लकड़ी खरीदकर लाते थे और मिट्टी के तेल का इंतजाम करना पड़ता था तब कहीं भोजन बना पाते थे। लेकिन अब सरकार की उज्जवला योजना से गैस चूल्हा का कनेक्शन मिल जाने से न तो अब घर में धुआँ होता और न ही अब इससे आँखे खराब होने का डर रहता है'। बेटियाँ भी अब खुशी- खुशी खाना बनाने में मदद करती हैं। यह कहना है कि दमोह जिले के हिरदेपुर गाँव की रहने वाली सुमन रानी अहिरवार का।

सुमन रानी के परिवार के उनके पति श्री मुलू अहिरवार सहित 3 बेटी और एक बेटा है। यह सभी स्कूल में शिक्षा ले रहे हैं। सुमन की प्रेरणा से उनकी देवरानी पाना अहिरवार ने भी उज्ज्वला योजना में गैस चूल्हे का कनेक्शन ले लिया है। वे भी अपने परिवार का खाना गैस चूल्हे पर बनाती हैं। यह परिवार मुख्य रूप से मजदूरी पर आश्रित है। ऐसे में उज्ज्वला योजना का लाभ मिल जाने से इस परिवार को अब आजीविका कमाने के लिए और भी ज्यादा समय मिलने लगा है।

सुमन रानी बताती है कि सरकार ने गृहणियों को उज्ज्वला योजना का लाभ दिलाकर उनकी परेशानियों को दूर कर दिया है। सुमन रानी गैस चूल्हे पर खाना पकाती हुई बुन्देली भाषा में कहती है कि ' अब हमाई न आँख पिरात और न असुआ आत हैं'। इस महिला की मुराद है कि गैस चूल्हे को सुरक्षित करने के लिए स्टेण्ड की सहुलियत भी मिल जाए तो वह निस फिकर हो जायेगी।

सफलता की कहानी (दमोह)

 
सफलता की कहानी
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