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रेडियो कार्यक्रम "दिल से"

  

महिलाओं को पुलिस आरक्षक भर्ती में मिलेगी ऊँचाई में छूट

विधवा विवाह में दो लाख रुपये, बीपीएल की शर्त पेंशन में होगी समाप्त
आदिवासी विकासखंडों में सेनेटरी नेपकिन आधी कीमत पर मिलेगी
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना होगी शुरू
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दिल से कार्यक्रम में माताओं-बहनों, बेटियों से की बात

भोपाल : रविवार, अक्टूबर 8, 2017, 15:00 IST
 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के व्यापक उपाय किये गये हैं। माँ-बहन और बेटियों का जीवन सुखमय बनाने के लिये राज्य सरकार कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखेगी। उन्होंने समाज से आव्हान किया कि बाल विवाह एवं दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों को दूर करने, बेटा-बेटी को समान महत्व देने और विधवा विवाह को प्रोत्साहित करने आगे आयें। मुख्यमंत्री आज यहाँ दिल से कार्यक्रम में आकाशवाणी और दूरदर्शन पर माताओं-बहनों और बेटियों से संवाद कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि विधवा विवाह में दो लाख रूपये की सहायता दी जायेगी एवं विधवा पेंशन में बीपीएल का बंधन समाप्त किया जायेगा। उन्होंने आदिवासी बहुल विकासखण्डों में सेनेटरी नेपकिन आधी कीमत पर उपलब्ध करवाने, पुलिस आरक्षक भर्ती में महिलाओं को ऊँचाई सहित शारीरिक मापदण्ड में छूट देने, शासकीय सेवा में कार्यरत पति-पत्नी को यथासंभव एक स्थान पर पदस्थ करने, माँ-बच्चे के पोषण और स्वास्थ्य के लिये प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना शुरू करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बलात्कारियों को फाँसी की सजा दिलाने के लिये शीघ्र ही विधानसभा में सख्त कानून बनाने का प्रस्ताव लाया जायेगा। छेड़छाड़ के अपराध के लिए 10 वर्ष के सश्रम कारावास का प्रावधान करवाया जायेगा। स्कूल और सिटी बसों में छेड़छाड़ की घटना को रोकने के लिये सी.सी.टी.वी. कैमरे लगी बसों को ही परमिट दिए जायेगा। उन्होंने कहा कि बलात्कार के प्रकरणों में बिना शासकीय अधिवक्ता को सुने जमानत की याचिका पर विचार नहीं करने का प्रावधान भी कर रहे हैं। पैतृक सम्पत्ति में हिस्सा देने के कानून का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जायेगा। महिला स्व-सहायता समूहों को माइक्रो फाइनेंस कार्य के लिए सरकार से मैचिंग ग्रांट की सीमा एक करोड़ से घटाकर 50 लाख रूपए की जायेगी। स्व-सहायता समूहों के उत्पादों के लिये जिले की माँग अनुसार विकासखंडवार बिक्री केन्द्र संचालित होंगे। समूह को 3 लाख रूपए तक की सीमा तक 3 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान मिलेगा। एक लाख रूपए की ऋण सीमा तक स्टाम्प ड्यूटी में छूट होगी। ग्राम पंचायत कार्यालय में महिला स्व-सहायता समूह डेस्क गठित होंगे। स्कूली बच्चों के गणवेश समूह से बनवाये जायेंगे। एस.एच.जी. के लिये पोर्टल भी बनेगा।

बेटियों को समृद्ध बनायें

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बेटियों के स्वास्थ्य शिक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण, स्वावलम्बन और कौशल विकास की जिम्मेदारी ली है। प्रदेश में 26 लाख लाड़ली लक्ष्मियाँ है। जब वे 21 वर्ष की होगी तब उनके बैंक खातों में 31 करोड़ रुपये की राशि जमा होगी। आगामी 12 अक्टूबर को लाड़ली शिक्षा पर्व मना रहे हैं जिसमें छठवीं कक्षा में प्रवेश लेने वाली 65 हजार लाड़ली लक्ष्मियों को दो हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जायेगी। स्कूलों में छठवीं और आठवीं कक्षा में प्रवेश लेने वाली बेटियों के स्वास्थ्य की भी नि:शुल्क जाँच होगी।

बाल विवाह बेटियों के साथ अन्याय

श्री चौहान ने बाल विवाह को बेटियों के साथ अन्याय बताते हुए लाडो अभियान के बारे में बताया जिसमें समाज के सहयोग से लगभग एक लाख बाल विवाह रोके गये हैं। बाल विवाह के विरोध के बनते वातावरण का उल्लेख करते हुए कहा कि बेटियाँ स्वयं भी प्रथा के विरोध में आगे आने लगी हैं। मंदसौर जिले के कचनारा में ब्याही बेटी पूजा ने न्यायालय की शरण लेकर विवाह को शून्य घोषित करवाया है। अनूपपुर जिले की ग्राम बिजुरी-मौहरी ने भी वर्ष 2014 में सत्रह वर्ष की आयु में विवाह तय किये जाने का विरोध करते हुए उसे एक वर्ष के लिये रुकवा दिया था। बालिकाओं और महिलाओं के प्रति हिंसा, सामाजिक कुरीतियों को रोकने के लिये शौर्या दल के साथ जुड़ने की बात भी कही। बताया कि मण्डला जिले की कुमारी काजल बैगा की इच्छा अनुसार शादी करवाने, छतरपुर जिले के खजुराहो में मानव तस्करी को रुकवाने जैसे कार्यों में शौर्या दल ने सराहनीय पहल की है।

बेटियों की शिक्षा सरकार की जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने शिक्षा की महत्ता बताते हुए नि:शुल्क स्कूली शिक्षा, पौष्टिक मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था के साथ कॉलेज की शिक्षा के लिये प्रतिभा किरण योजना, गाँव की बेटी योजना और मुख्यमंत्री मेधावी योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रीवा के गोरगाँव की कुमारी जस्मिन पटेल, बैतूल के ओहरगाँव की बेटी कुमारी किरण की डॉक्टरी और इंजीनियरिंग शिक्षा का पूरा खर्च राज्य सरकार उठा रही है। इन बेटियों के साथ ही अनेक कन्याओं की शिक्षा की जिम्मेदारी अब राज्य सरकार ने ले ली है। उन्होंने खूब मन लगा कर पढ़ने के लिये कहा।

महिलाएँ स्वालम्बी बनें

मुख्यमंत्री ने महिलाओं को स्वालम्बी होने के लिये प्रेरित किया। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की सफल हितग्राही सुचिता भार्गव का वस्त्र ब्रांड रंगदेसी, शिखा नागर की आईटी कंपनी, नेहा मित्तल की हाईटेक लांड्री की लोकप्रियता का उल्लेख किया। महिला स्व-सहायता समूहों की सामाजिक-आर्थिक और राजनैतिक सशक्तिकरण में भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि 22 लाख परिवारों को संगठित कर बने 2 लाख स्व-सहायता समूहों को लगभग 1800 करोड़ का ऋण दिलाया गया है। उनकी आजीविका गतिविधियाँ गर्व का विषय हैं। गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वालों में से डेढ़ लाख सदस्यों ने लखपति क्लब का निर्माण कर लिया है। श्योपुर जिले के कराहल के गाँव सिलपुरी की श्रीमती काली बाई पटेलिया, राजगढ़ जिले के ब्यावरा के गाँव कचनारिया की सुशीला बाई स्व-सहायता समूह से जुड़कर करीबी रेखा से बाहर आ गईं हैं।

स्व-सहायता समूह सशक्त बनेंगे

प्रदेश सरकार महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाने के लिये प्रतिबद्ध है। महिला स्व-सहायता समूहों का पोर्टल बनाकर उनकी सफलताओं और उपलब्धियों का उल्लेख करवाया जायेगा। मुर्गी उत्पादक कंपनी का गठन कर वर्ष 2016-17 में महिलाओं द्वारा 175 करोड़ रुपये का व्यापार किया गया है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रयासों में तेजस्विनी कार्यक्रम की सराहना करते हुए बताया कि मेहंदवानी की आदिवासी महिला रेखा बाई पेन्द्राम ने संयुक्त राष्ट्र संघ के 61वें सत्र को संबोधित करने की अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। उन्होंने महिलाओं के प्रति सामाजिक नजरिये में बदलाव की अपील करते हुए कहा कि गरीब पिता को मुख्यमंत्री कन्या विवाह और निकाह योजना ने बेटी के विवाह की चिंता से मुक्त कर दिया है। मातृ और शिशु स्वास्थ्य के लिये जननी सुरक्षा योजना, मुफ्त दवाएँ, संस्थागत प्रसव के दौरान पौष्टिक भोजन, पौष्टिक लड्डू नि:शुल्क उपलब्ध कराये जाते हैं। वर्ष 2005-6 की मातृ मृत्यु दर 335 से घटकर आज 221 हो गई है। अस्पतालों में प्रसव की संख्या 26 से बढ़कर 86 प्रतिशत हो गई है।

महिला आरक्षण के मिल रहे बेहतर परिणाम

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने महिलाओं को शासन के सूत्र सौंपने के सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए बताया कि त्रि-स्तरीय पंचायतों में 2007 में आरक्षण का प्रतिशत 33 से बढ़ाकर 50 किया गया था। इसका सफल परिणाम है कि आज प्रदेश में 2 लाख 8 हजार 991 पंचायत पदाधिकारी महिलाएँ हैं। जो कुल संख्या का 52 प्रतिशत है। महिला पदाधिकारियों के कार्यों की धूम मची है। इन्दौर की कुदरिया ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती अनुराधा जोशी को महामहिम राष्ट्रपति के समक्ष स्वच्छता के नवाचारों के संबंध में प्रस्तुतिकरण के लिये कानपुर में आंमत्रित किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना में सबसे अधिक आवास पूर्ण कराने वाली सरपंच भी राजगढ़ के खिलचीपुर की ग्राम पंचायत बरखेड़ा भोजा की महिला श्रीमती संगीता बाई हैं। ऐसी ही सक्रिय महिला सरपंच सिवनी-मालवा की श्रीमती जसोदाबाई, भिण्ड की श्रीमती रीमा खरे, कटनी की श्रीमती सुमनबाई, शहडोल की श्रीमती पुष्पा सिंह का उदाहरण देते हुए बधाई दी। शासकीय सेवा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के अच्छे परिणामों का जिक्र करते हुए बताया कि प्रदेश में नवनियुक्त 710 महिला प्रहरियों में 210 महिलाएँ हैं। इटारसी की बेटी प्रियंका यादव को बेस्ट कैडेट और सागर की बेटी शालिनी जैन को बेस्ट ड्रिल के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिये दीक्षांत कार्यक्रम में पुरस्कार मिले। पुलिस में महिलाओं की अधिक से अधिक भर्ती के लिये महिला-बाल विकास विभाग द्वारा सशक्त वाहिनी योजना में भर्ती पूर्व प्रशिक्षण नि:शुल्क दिया जा रहा है। पटवारी और अध्यापक संवर्ग में पति–पत्नी की पदस्थापना यथासंभव एक ही स्थान पर करने के प्रयास की बात भी कही।

जीवन के हर क्षेत्र में महिलाएँ सफल

मुख्यमंत्री ने जीवन के सभी क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि रियो ओलंपिक में प्रदेश की सात बेटियों ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था। वर्ष 2016 की एशियन हॉकी चेम्पियनशिप में देश को स्वर्ण पदक दिलवाने वाली खिलाड़ी नवदीप कौर, प्रीति दुबे और एशिया कप बैंकॉक में कांस्य पदक दिलवाने वाली खिलाड़ी नीलू डांडिया और दिव्या ठेपे पर प्रदेश को गर्व है। उन्होंने शूटिंग में सुरभि पाठक, चिंकी यादव, बॉक्सिंग में श्रुति यादव, अंजलि शर्मा, कराटे में सु्प्रिया जाटव, शिवानी कराले, वंशिका तवर, ताइक्वांडो में लतिका भंडारी, सेलिंग में हर्षिता तोमर, कुश्ती में शिवानी पवार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में प्रदेश को गौरवान्वित करने और महिला खिलाड़ियों द्वारा प्रदेश को 120 पदक अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में दिलवाने के लिये बधाई दी।

दुराचारियों को कड़ा दंड

समाज में बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए समाज की सोच में परिवर्तन की बात कही। दुराचारियों को कडा दंड दिलवाने के लिये भरपूर प्रयासों की जरूरत बतायी। कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों के त्वरित अनिवार्य पंजीयन की व्यवस्था की गई है। महिला हेल्पलाइन 1090, निर्भया पेट्रिलिंग जैसे प्रयास किये गये हैं। सोशल मीडिया या साइबर क्राइम से संबंधित शिकायतें पुलिस महानिदेशक को ट्वीट कर, साइबर पुलिस की ई-मेल आईडी पर अथवा मध्यप्रदेश पुलिस के क्राइम अगेनस्ट फेसबुक पेज पर दर्ज कराने के लिये कहा। उन्होंने बताया कि महिलाओं के साथ होने पर अपराधों पर सख्त कानून बनाना भी जरूरी है। राज्य सरकार शीघ्र ही विधानसभा में इस संबंध में प्रस्ताव लायेगी।

नारी शक्ति का गौरवशाली इतिहास

मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में नारी शक्ति के गौरवशाली इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि अनेक प्रतिभाशाली विदुषी और समाजसेवी महिलाएँ इस धरती पर हुई हैं। महिलाओं की विद्वता, सजगता और 1857 के संग्राम, भोपाल विलीनीकरण, झंडा सत्याग्रह आदि आंदोलनों में महिलाओं की सक्रियता का उल्लेख भी किया। बताया कि महात्मा गांधी के सत्याग्रह आंदोलन में प्रथम महिला सत्यग्राही सुभद्राकुमारी चौहान थीं। वर्तमान समय में प्रदेश की राजनैतिक हस्तियों में स्वर्गीय राजमाता सिंधिया, श्रीमती सुमित्रा महाजन, सुश्री उमा भारती और श्रीमती सुषमा स्वराज का उल्लेख करते हुए बताया कि स्वर कोकिला सुश्री लता मंगेशकर और अभिनेत्री श्रीमती जया बच्चन की जन्म-भूमि मध्यप्रदेश है। ग्वालियर जिले की भितरवार जनपद पंचायत के गांव किशोरगढ़ निवासी आयु के सौ वर्ष पूरे कर चुकी जेबो बाई का उल्लेख करते हुए कहा कि जीवन में कुछ कर गुजरने का जज़्बा ही सब कुछ है। उन्होंने बताया कि जेबो बाई ने उम्र के इस पड़ाव पर अपने घर में शौचालय बनवाकर मिसाल कायम की है। भोपाल की रक्त वीरांगना और राष्ट्र गौरव सम्मान से सम्मानित श्रुति सोनी को भी एक मिसाल बताया। जिसने एक वर्ष की अवधि में तीन हजार यूनिट रक्तदान किया है।

महिला स्वास्थ्य और पोषण प्राथमिकता

श्री चौहान ने बताया कि महिलाओं और बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य के लिये नवम्बर माह से राज्य में प्रधानमंत्री वंदना योजना प्रारंभ की जायेगी। जिसमें प्रथम बच्चे के जन्म पर विभिन्न चरणों में माता को पाँच हजार की राशि उपलब्ध कराई जायेगी। एक वर्ष में लगभग चार से पाँच लाख महिलाएँ योजना से लाभान्वित होंगी। उन्होंने कहा कि चरण पादुका योजना में तेंदू पत्ता और महुआ बीनने वाली महिलाओं को पादुका उपलब्ध करवायें। महिलाओं की शिक्षा, सेहत, सम्मान और स्वालम्बी बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए माताओं और बहिनों से अपील की कि वे किशोरी बालिकाओं, धात्री माताओं की पोषण आवश्यकताओं पर ध्यान दें। गर्भावस्था में खून की कमी नहीं होने दें। आँगनबाड़ी की गतिविधियों में सहयोग करने, स्वच्छता को प्रमुखता देने की बातें बताईं। उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा अलग-अलग नामों से अभी भी समाज में जिंदा है। इसे खत्म करने के लिये समाज को ही आगे आना होगा। उन्होंने समाज की बेटियों के प्रति धारणा को भी बदलने की जरूरत बताई और कहा कि बेटी के घर में रहना उसी तरह से उचित है जिस तरह से बेटे के घर में रहना है।

महिलाएँ परिवार की धुरी

मुख्यमंत्री ने महिलाओं को करवा चौथ की बधाई देते हुए कहा कि वे परिवार की धुरी हैं उन्हीं परिवारों में सुख-समृद्धि होती है जहाँ महिलाओं का सम्मान होता है। उन्होंने पुरुषों से पारिवारिक जिम्मेदारियों में महिलाओं के त्याग का सम्मान करने की अपील भी की।

 
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