| اردو خبریں | संस्कृत समाचारः मुख्य पृष्ठ | हिन्दी | English | संपर्क करें | साइट मेप
You Tube
पिछला पृष्ठ

सफलता की कहानी

  

घर से भी अच्छी व्यवस्था तीर्थ दर्शन यात्रा में मिली

भोपाल : सोमवार, अक्टूबर 9, 2017, 11:57 IST

बड़वानी जिले के ग्राम बिजासन निवासी सखराम गणस्या कहते है कि हमें मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा के दौरान टाईम पर चाय-नाश्ता, पानी दोनों टाईम का खाना हाथ में मिल जाता है। ऐसी व्यवस्था जब हम घर से यात्रा करने जाते है तो नहीं मिलती घर का बेटा भी हर वक्त हाथ में खाना नहीं दे सकता है।

द्वारकाधीश की यात्रा कर लौटे सखराम कहते है कि जीवन के अंतिम पढाव पर तीर्थ दर्शन की बरसों की अभिलाषा मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के कारण पूरी हो रही है। उनका कहना है कि मन में और तीर्थ स्थानों की यात्रा करने की हसरत बाकी है।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के 3 सितम्बर को पाँच वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने यह घोषणा की कि 5 वर्ष पूरे करने वाले यात्रियों को तीर्थ दर्शन का पुन: अवसर मिलेगा। योजना में प्रति वर्ष दो लाख श्रद्धालुओं को तीर्थ करवाया जायेगा। उल्लेखनीय है कि 5 वर्षों की योजना अवधि में लगभग 5 लाख 3 हजार बुजुगों ने विभिन्न तीर्थ स्थल के दर्शन किए है। तीर्थ के दर्शन के लिए 503 रेल यात्राओं का आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना नि:संदेह उन हजारों बुजुगों को भक्ति के आनंद का अवसर उपलब्ध कराता है जो आर्थिक तंगी के कारण तीर्थ स्थलों की यात्रा नहीं कर पाते थे।

सफलता की कहानी (बड़वानी)

 
सफलता की कहानी
बहुत पसंद किये जा रहे हैं लईक के प्लास्टिक बैग
रामसुख ने बंजर जमीन में शुरू की अनार की खेती
रूबी खान ने खरगोन में स्थापित किया है नीम उद्योग
प्रधानमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना से ऊषारानी बारस्कर बनी उद्योगपति
"रोशनी" की नई किरण रजनी बाई
अनवर मियाँ अब ड्रायवर नहीं, ई-ऑटो के मालिक हैं
स्वरोजगार स्थापित कर झल्लूराम ने दिया दूसरों को रोजगार
अयूब खां ने प्लास्टिक मल्चिंग विधि अपनाकर खेती को बनाया लाभ का धंधा
उत्कृष्ट शिक्षा केन्द्र की मिसाल है ग्राम छतरपुरा का सरकारी स्कूल
बीड़ ग्राम में मछली पालन बना अतिरिक्त आमदनी का सशक्त जरिया
महिला स्व-सहायता समूहों ने ग्रामीणों को साहूकारों से दिलाई मुक्ति
बसन्तेश्वरी कस्टम हायरिंग सेन्टर का मालिक बना अनिल गुजराती
"कम्प्यूटर वाली दीदी" बनी मेघा
वेल्डर-फिटर की ट्रेनिंग के बाद 40 युवाओं को मिला देश की प्रतिष्ठित कम्पनी में रोजगार
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम ने लौटाई बच्चों की खोई मुस्कान
डेयरी और गौशाला का मालिक है ग्रेजुएट शैलेष
"अमरदीप मसाला बना स्व-सहायता समूह की पहचान
चेहरे के साथ जिंदगी भी हुई खूबसूरत
स्वच्छता एवं आंगनबाड़ी गतिविधियों की ब्राँड एम्बेसेडर बनी काशीबाई
न बेरोजगार न कर्जदार, अब मालिक है धीरज कुमार
बलराम ताल ने भरी परिवार में खुशियाँ
दिव्यांग रतनलाल भील को मिला पक्का घर
युवा उद्यमी सीमा बनी सशक्त महिला की मिसाल
आत्म निर्भर हुए दिव्यांग मुकेश
सार्टेक्स प्लांट की मालकिन है अंजू भंसाली
रेखा पन्द्राम की मेहनत रंग लाई : कोदो-कुटकी की फसल से किसान हुए आत्म-निर्भर
स्टील फेब्रिकेशन वर्क्स की मालकिन है ज्योति
अच्छे स्कूल में पढ़ रही हैं ज्योति और जानकी की बेटियॉं
ग्रामीण महिलाओं को मिल रहा है सम्मानजनक रोजगार
ग्राम पथरिया का होनहार वीरेन्द्र बन रहा है डाक्टर
1 2 3 4 5 6 7 8 9