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सफलता की कहानी

  

आजीविका मिशन ने बदली पाचली दीदी और अन्य गरीब महिलाओं की किस्मत

भोपाल : बुधवार, अक्टूबर 11, 2017, 18:14 IST

ग्राम लोढ़नी की पाचली दीदी के परिवार में 8 सदस्य हैं। जमीन कम होने से सिर्फ कृषि पर निर्भर नहीं रह कर मजदूरी करना जरूरी हो चुका था। गाँव में मजदूरी न मिलने से हर वर्ष गुजरात पलायन करना ही पड़ता था।

सात्विक विचारधारा वाली पाचली दीदी गाँव के विकास और महिलाओं के सशक्तिकरण के बारे में भी सोचती थी। पर क्या करे? कैसे करे? यह समझ नही आता था।

म.प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिये जब पाचली दीदी स्व-सहायता समूह से जुड़ी तो उन्होंने न सिर्फ खर्चों में कटौती कर बचत करना सीखा, बल्कि समूह में बोलने, विचार रखने, सुनने, निर्णय करने, घर से बाहर बैंक एवं अन्य शासकीय कार्यालय आने-जाने के साथ ही अन्य सामाजिक मुद्दों पर उनकी जागरूकता बढ़ी। जब उन्हें प्रशिक्षण और शैक्षणिक भ्रमण कराया गया तब गरीबी से बाहर आने के लिए क्या करना है, की समझ बढी। आंध्रप्रदेश का भ्रमण करने के बाद उन्होंने अपने गाँव की 44 गरीब, अति-गरीब और विधवा महिलाओं को 4 समूहों से जोड़ा।

समूह बने लगभग दो वर्ष हो गये है। सभी सदस्यों ने आजीविका गतिविधियों के संचालन के लिए ऋण लिया है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई है। खुद पाचली दीदी ने 10 हजार रुपये के ऋण तथा 5000 रुपये की अपनी जमा पूँजी मिलाकर आटा चक्की चालू की। इससे उनके पति को भी रोजगार मिला और परिवार की मासिक आय में 6000 रुपये का इजाफा हुआ। पाचली दीदी ने अपनी प्रशिक्षित बहू को सिलाई की दुकान खुलवा दी। उनकी अच्छी छवि और पहचान की बदौलत बहू को सिलाई का काम भी ज्यादा मिलने लगा। अब बहू भी 5000 रुपये मासिक कमा रही है। वर्तमान में उन्होंने छोटी-सी किराना दुकान भी शुरू की है, जिससे मासिक रूप से 3000 रुपये के लगभग आय होती है। अब पाचली दीदी ने दोना निर्माण की हैमर मशीन भी 10 हजार रुपये में खरीद ली है, जिससे आठ घंटे औसत कार्य करने पर 240 से 300 रुपये तक दैनिक मजदूरी घर पर ही प्राप्त होती है। कच्चे माल की आपूर्ति एवं खरीद गुजरात के व्यापारी द्वारा की जाती है।

पाचली दीदी के उत्साह एवं रुचि को देखते हुए जिला-स्तर पर उन्हें समुदाय मास्टर प्रशिक्षक के रूप में चुनकर प्रशिक्षण दिलवाया गया। आज पाचली दीदी अन्य गाँव जाकर समूह में जुड़ने के लिए महिलाओं को प्रेरित करती हैं। हाल ही में उन्होंने ग्राम की 110 महिलाओं (समूह सदस्य) को साथ लेकर पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता का संदेश देने के लिए एक जागरूकता रैली निकाली। रैली में महिलाओं द्वारा शौचालय की मांग की गई। समग्र स्वच्छता अभियान के माध्यम से ग्राम संगठन को 85 शौचालय निर्माण के लिए 10 लाख 20 हजार रुपये प्राप्त हुए हैं, जिसमें से वर्तमान में 68 शौचालयों के निर्माण पूर्ण किया जाकर उपयोग भी सुनिश्चित हुआ है। शेष का निर्माण जारी है। पाचली दीदी को उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए उत्कृष्ट महिला का पुरस्कार भी मिला है।

सफलता की कहानी (सौण्डवा)

 
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