| اردو خبریں | संस्कृत समाचारः मुख्य पृष्ठ | हिन्दी | English | संपर्क करें | साइट मेप
You Tube
पिछला पृष्ठ

सफलता की कहानी

  

रामबाई और उमाबाई का नेट हाउस बदला नोट हाउस में

भोपाल : गुरूवार, अक्टूबर 12, 2017, 14:55 IST
 

विदिशा जिले के ग्राम हिनोतिया की रामबाई और उमाबाई को संरक्षित खेती का इतना फायदा मिलने लगा है कि उनका नेट हाउस अब नोट हाउस में बदल गया है। रामबाई बताती हैं कि जब से उनके खेत में जालीदार छतरी लगी है, तब से सब्जी-भाजी की पैदावार काफी बढ़ गई है। रामबाई और उमाबाई पहले खुले में सब्जी-भाजी लगाते थे जिससे उन्हें नाममात्र की कमाई हो पाती थी। अब जालीदार नेट लग जाने से पिछले एक साल से खूब पैदावार होने लगी है और मुनाफा भी बढ़ गया है।

इन महिलाओं ने लगभग एक एकड़ में वर्ष 2016 में नेट हाउस लगवाया है। पहले साल ही ककड़ी और शिमला मिर्च लगाई। इससे इन्हें डेढ़ लाख रुपये का मुनाफा हुआ। इस साल इन्होंने टमाटर और हरी मिर्च लगाई है। अब तक 35 हजार रुपये के टमाटर बेच दिए हैं। दोनों महिलाओं का कहना है कि इतना मुनाफा तो परम्परागत फसलों से भी नहीं होता था। रामबाई और उमाबाई अब हर किसान को अपने खेत में एक एकड़ में नेट हाउस लगवाने की सलाह देती हैं।

इन महिलाओं की रुचि देखकर उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने भी आगे बढ़कर इनकी मदद की। नेट हाउस की लागत पर इन्हें अनुदान के रूप में 50 प्रतिशत राशि विभाग ने उपलब्ध करवाई है।

सफलता की कहानी (विदिशा)

 
सफलता की कहानी
बहुत पसंद किये जा रहे हैं लईक के प्लास्टिक बैग
रामसुख ने बंजर जमीन में शुरू की अनार की खेती
रूबी खान ने खरगोन में स्थापित किया है नीम उद्योग
प्रधानमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना से ऊषारानी बारस्कर बनी उद्योगपति
"रोशनी" की नई किरण रजनी बाई
अनवर मियाँ अब ड्रायवर नहीं, ई-ऑटो के मालिक हैं
स्वरोजगार स्थापित कर झल्लूराम ने दिया दूसरों को रोजगार
अयूब खां ने प्लास्टिक मल्चिंग विधि अपनाकर खेती को बनाया लाभ का धंधा
उत्कृष्ट शिक्षा केन्द्र की मिसाल है ग्राम छतरपुरा का सरकारी स्कूल
बीड़ ग्राम में मछली पालन बना अतिरिक्त आमदनी का सशक्त जरिया
महिला स्व-सहायता समूहों ने ग्रामीणों को साहूकारों से दिलाई मुक्ति
बसन्तेश्वरी कस्टम हायरिंग सेन्टर का मालिक बना अनिल गुजराती
"कम्प्यूटर वाली दीदी" बनी मेघा
वेल्डर-फिटर की ट्रेनिंग के बाद 40 युवाओं को मिला देश की प्रतिष्ठित कम्पनी में रोजगार
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम ने लौटाई बच्चों की खोई मुस्कान
डेयरी और गौशाला का मालिक है ग्रेजुएट शैलेष
"अमरदीप मसाला बना स्व-सहायता समूह की पहचान
चेहरे के साथ जिंदगी भी हुई खूबसूरत
स्वच्छता एवं आंगनबाड़ी गतिविधियों की ब्राँड एम्बेसेडर बनी काशीबाई
न बेरोजगार न कर्जदार, अब मालिक है धीरज कुमार
बलराम ताल ने भरी परिवार में खुशियाँ
दिव्यांग रतनलाल भील को मिला पक्का घर
युवा उद्यमी सीमा बनी सशक्त महिला की मिसाल
आत्म निर्भर हुए दिव्यांग मुकेश
सार्टेक्स प्लांट की मालकिन है अंजू भंसाली
रेखा पन्द्राम की मेहनत रंग लाई : कोदो-कुटकी की फसल से किसान हुए आत्म-निर्भर
स्टील फेब्रिकेशन वर्क्स की मालकिन है ज्योति
अच्छे स्कूल में पढ़ रही हैं ज्योति और जानकी की बेटियॉं
ग्रामीण महिलाओं को मिल रहा है सम्मानजनक रोजगार
ग्राम पथरिया का होनहार वीरेन्द्र बन रहा है डाक्टर
1 2 3 4 5 6 7 8 9