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सफलता की कहानी

  

"अमरदीप मसाला बना स्व-सहायता समूह की पहचान

भोपाल : सोमवार, अक्टूबर 30, 2017, 16:42 IST
 

मुरैना शहर में 17 घरेलू महिलाओं के स्व-सहायता समूह की पहचान 'अमरदीप मसाला'' से होने लगी है। इस मसाले का उत्पादन इन महिलाओं का समूह अपनी औद्योगिक इकाई में खुद करता है। ये औद्योगिक इकाई मुरैना शहर की तुलसी कॉलोनी के गणेशपुरा वार्ड में है।

शहर के गणेशपुरा वार्ड की घरेलू महिलाओं ने इसी वर्ष जनवरी माह में स्वावलंबी बनने की ठानी ताकि अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और पालन-पोषण का खर्चा खुद वहन कर सकें। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन की मुरैना शाखा प्रभारी सुश्री मधु भार्गव को इन महिलाओं के बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने इन्हें स्व-सहायता समूह बनाने की सलाह दी। इन 17 महिलाओं ने अमरदीप स्व-सहायता समूह का गठन किया। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन ने दीनदयाल अंत्योदय योजना के अंतर्गत इस समूह को पंजीकृत किया और सेंट्रल बैंक ऑफ इण्डिया से इन्हें 5 लाख रुपये का ऋण मंजूर कराया।

अमरदीप स्व-सहायता समूह को मार्च-2017 में स्वीकृत समूह ऋण की पहली किस्त मिली तो समूह की महिलाओं ने अपनी औद्योगिक इकाई की स्थापना कराई। इकाई ने अपना काम शुरू किया जिससे संतुष्ट होकर आजीविका मिशन की अनुशंसा पर बैंक ने समूह ऋण की शेष राशि भी जारी कर दी।

आज अमरदीप स्व-सहायता समूह का अमरदीप मसाला उद्योग मुरैना शहर में जाना-माना नाम हो गया है। यह मसाला लोगों की पसंद बन गया है और घर-घर तक पहुँच रहा है। महिला समूह बैंक के ऋण की किश्त समय पर भुगतान कर रहा है। इसी के साथ समूह की हर महिला सदस्य की आर्थिक स्थिति काफी अच्छी हो गई है। समूह ने अब मसाले के साथ-साथ शुद्ध आटे का कारोबार भी इसी इकाई में शुरू कर दिया है जिससे कमाई दोगुनी होने लगी है।

कभी घर से अकेले निकलने में संकोच करने वाली अमरदीप स्व-सहायता समूह की 17 महिला सदस्य अब बैंक और बाजार का कारोबार खुद सम्हालती हैं। अपने बच्चों के पालन-पोषण और पढ़ाई-लिखाई का खर्चा वहन करने में भी सक्षम हो गई है

 सफलता की कहानी (मुरैना)

 
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