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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम ने लौटाई बच्चों की खोई मुस्कान

भोपाल : बुधवार, नवम्बर 1, 2017, 16:45 IST

राज्य शासन द्वारा संचालित राष्ट्रीय बाल स्वाथ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) ने डिण्डोरी जिले के 4 बच्चों की न केवल खोई मुस्कान लौटाई है बल्कि उनके परिवारों में भी खुशी का माहौल वापस आ गया है। आरबीएसके में 3 वर्ष की अंजली मेहरा धुर्रा गांव, 2 वर्ष के तनिष्क बर्मन ग्राम विक्रमपुर, 5 वर्ष की कु. जागेश्वरी सिंह ग्राम आनाखेड़ और 2 वर्षीय धनंजय सिंह ग्राम भाजीटोला गंभीर हृदय रोग से ग्रसित थे। आरबीएस के मोबाइल दल ने न केवल इन बच्चों को खोजा बल्कि कार्यक्रम के तहत मुंबई में इनके ऑपरेशन के लिये हरसंभव मदद की। मोबाइल दल जिले के स्कूल और आँगनबाड़ी केन्द्रों में भ्रमण कर 18 वर्ष तक के गंभीर रोग से ग्रसित बच्चों को चिन्हित कर शासन द्वारा चिन्हित अस्पतालों में उनके उपचार के लिये मदद करता है।

तनिष्क के पिता श्री दुर्गेश बर्मन ने बताया कि मुंबई में हुए सफल ऑपरेशन के बाद उनका बच्चा अच्छी जिन्दगी जीने लगा है। पहले तनिष्क अन्य बच्चों की तरह खेलकूद नहीं पाता था और उनके पास इतनी राशि भी नहीं थी कि बड़े शहर के अस्पताल में अपने बच्चे का ऑपरेशन करा सकें। एक दिन मोबाइल दल ने उनसे सम्पर्क कर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की जानकारी दी। इसके बाद दुर्गेश बर्मन ने जिला चिकित्सालय से सम्पर्क किया। फिर मुंबई के अस्पताल में तनिष्क का नि:शुल्क उपचार किया गया। अब तनिष्क सामान्य बच्चों की तरह खेलकूद रहा है।

इसी तरह कु. अंजली, धनंजय और कु. जागेश्वरी के माता-पिता ने बताया कि उनके बच्चे गंभीर हृदय रोग से पीड़ित होने के कारण सामान्य बच्चों की तरह न तो हंसते-खेलते थे और न ही सामान्य बच्चों जैसा व्यवहार करते थे। ऑपरेशन के बाद स्थिति पूरी बदल गई है। बच्चों की खुशी और स्वास्थ्य देखकर इन बच्चों के परिवार की चिंताएँ अब कम हो गई हैं।

सफलता की कहानी (डिण्डोरी)


सुनीता दुबे
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