सक्सेस स्टोरीज

वेल्डर-फिटर की ट्रेनिंग के बाद 40 युवाओं को मिला देश की प्रतिष्ठित कम्पनी में रोजगार

भोपाल : गुरूवार, नवम्बर 2, 2017, 14:18 IST
 

अनूपपुर जिले में जिला पंचायत के सहयोग से आईएल एण्ड एफएस स्किल्स स्कूल द्वारा युवाओं को रोजगार से जोड़ने की कारगर पहल की गई है। योजना में ऐसे युवक, जो किन्हीं कारणों से शिक्षा में पिछड़ कर विकास की मुख्य धारा से अलग-थलग पड़ जाते हैं, उनका कौशल उन्नयन कर रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया गया है। प्रशिक्षण के बाद जिले से देवास की आइशर कम्पनी में 18 और नासापुर (कर्नाटक) की इण्डो ट्रेक कम्पोनेंट कम्पनी में 22 युवाओं को रोजगार मिल चुका है।

प्रथम चरण में जिला पंचायत ने प्रशिक्षण प्रारंभ करने के लिए संस्था को फर्नीचर, मशीनें और कच्चा माल उपलब्ध कराया। इसके बाद संस्था ने एक्सपर्ट टीम द्वारा ऐसे युवकों का प्रशिक्षण प्रारंभ किया, जो प्रारंभिक शिक्षा के बाद अपनी पढ़ाई आगे जारी नहीं रख सके थे। नि:शुल्क प्रशिक्षण के लिए विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार कर प्रवेश के लिए आमंत्रित किया गया। स्किल टेस्ट के बाद कक्षा-8 उत्तीर्ण युवक-युवतियों को वेल्डर का और कक्षा-10 उत्तीर्ण को फिटर का 45 से 65 दिन का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को देवास की आइशर कम्पनी, कोयम्बटूर के टेक्समो और नासापुर की इण्डो ट्रेक कम्पोनेंट कम्पनी में रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। वेल्डर प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को तकरीबन 11 हजार रुपये और फिटर प्रशिक्षण प्राप्त को 12 हजार रुपये का मासिक वेतन प्राप्त होता है। कम्पनी इनके कौशल में विकास होने पर इनके वेतन में बढ़ोत्तरी भी करती है।

वर्तमान में सामुदायिक प्रशिक्षण केन्द्र परसवार में संचालित प्रशिक्षण केन्द्र द्वारा चौथे बैच को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रत्येक बैच में 30 युवाओं को वेल्डर तथा 20 युवाओं को फिटर का प्रशिक्षण दिया जाता है

सफलता की कहानी (अनूपपुर)


सुनीता दुबे
पटेल कृषि फार्म के मार्के से बिक रहा है एप्पल बैर
मछली पालन में पारंगत सुरेश को मिलेगा राज्य स्तरीय पुरस्कार
अब गुड़ और दलिया खाकर स्कूल जाता है सहरिया परिवार का छोटू
वंश के बोल पर मिली तालियों की गड़गड़ाहट
नर्मदा सेवा समिति हीरापुर ने श्रमदान से बना दिया एक हजार बोरियों का बंधान
"एक सड़क ने बदला गांव का जीवन : खुले तरक्की के द्वार"
स्व-रोजगार योजनाओं की मदद से युवा वर्ग बन रहे उद्यमी
सरकारी योजनाओं से कमजोर वर्गों को मिल रही नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा
आर्थिक नुकसान की आशंका से मुक्त हुए किसान
कस्टम हायरिंग सेंटर चलाने वाला प्रदेश का पहला महिला स्व-सहायता समूह
ग्राम हड़हा वासियों को मिले पक्के घर
ग्रामीण महिलायें बनीं स्वावलम्बी : गाँव हुए खुशहाल
मन की बात से प्रेरित होकर बना दिया डेयरी का आधुनिकतम संयंत्र
व्यवसायी स्वयं घर आते हैं बेर खरीदने
मिसाल बने युवा उद्यमी गौरव : मुख्यमंत्री ने दी शाबाशी
मुख्यमंत्री की किसान हितैषी घोषणाओं से किसान हुए खुशहाल
स्व-रोजगार योजनाओं से युवा बन रहे स्वावलंबी
बड़ी बीमारी के इलाज में बड़ा सहारा बनीं सरकारी योजनाएँ
छिंदवाड़ा जिले के फ्लोराइड क्षेत्र में मिलने लगा शुद्ध पेयजल
आत्म-विश्वास से लबरेज हैं पनारी गाँव की महिलाएँ
दिव्यांग रोशनी को मिला आगे बढ़ने का हौसला
सोलर पम्प यूनिट से नरेन्द्र के खेतों में हो रही सिंचाई
युवा हिमांशु बन गए बड़े व्यवसायी
उद्यानिकी प‍द्धति से बंजर भूमि पर हो रही अनार की भरपूर खेती
मिर्ची की खेती ने राकेश को बनाया लखपति
ग्रामीणों की बैंक वाली दीदी बनीं मनीषा और कविता
अंतर्राष्ट्रीय कराटे चैम्पियनशिप में रजत पदक जीती कुमारी पायल
आत्मविश्वास से लबरेज हो चली हैं पनारी गाँव की महिलाएँ
सेनेटरी पैड बना रहीं आम्बाखोदरा की पैडवुमन हेमलता, भुरी और गुडडी
शासन की मदद से स्वावलम्बी बनी आत्म-विश्वासी सीमा
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 ...