सक्सेस स्टोरीज

उत्कृष्ट शिक्षा केन्द्र की मिसाल है ग्राम छतरपुरा का सरकारी स्कूल

भोपाल : सोमवार, नवम्बर 13, 2017, 14:35 IST

अगर शिक्षक ठान लें तो सरकारी स्कूलों को उत्कृष्ट शिक्षा का सर्वसुविधायुक्त केन्द्र बना सकते हैं। देवास जिले के विकासखण्ड बागली के ग्राम छतरपुरा के शासकीय माध्यमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक श्री हेमंत शिवहरे, शिक्षक श्री सत्यनारायण भाटी तथा श्री सुनील पाटीदार और सरपंच श्री मुकेश बामनिया ने यह कर दिखाया है। यह स्कूल गांव में दो बीघा जमीन पर स्थित है। यहां बच्चों के लिये हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसका भव्य भवन और यहां उपलब्ध सुविधायें प्राइवेट स्कूल को भी मात देती हैं।

इस स्कूल में जन-सहयोग से बहुत सुन्दर पार्क विकसित किया गया है। विद्यार्थियों के लिए खेलकूद की सभी आवश्यक सामग्रियां आसानी से सुलभ हैं और सुव्यवस्थित खेल मैदान भी है। स्कूल भवन को संवारने की जिम्मेदारी इसी विद्यालय के पूर्व शिक्षक श्री तेरसिंह देवड़ा ने ली है। गांव के सरपंच ने पंचायत निधि से विद्यालय परिसर में पेवर्स ब्लाक्स लगावाकर आवागमन के रास्तों और खेलकूद परिसर को सुन्दर बनवाया है। यह स्कूल अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरण का जीता-जागता प्रमाण बन गया है।

 ग्राम छतरपुरा के शासकीय माध्यमिक स्कूल में विद्यार्थियों के लिये सर्वसुविधायुक्त जिम है जहां विद्यार्थी नियमित रूप से व्यायाम करते हैं। सुव्यवस्थित पुस्तकालय है जिसका भरपूर उपयोग करते हैं विद्यार्थी। विज्ञान की अत्याधुनिक प्रयोगशाला है और सुन्दर बागीचा भी। साथ ही बच्चों के लिए शुद्ध पीने के पानी की व्यवस्था आरओ के माध्यम से की गई है। स्कूल में बच्चे उत्साह के साथ रोजाना आते हैं, पढ़ते हैं, खेलते हैं।

उत्कृष्ट शिक्षा केन्द्र की मिसाल बन चुके ग्राम छतरपुरा के शासकीय माध्यमिक स्कूल के 20 विद्यार्थी यहां से प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण कर चार्टर्टड एकाउंटेन्सी (सी.ए.) की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं। इसी तरह, इस स्कूल के 8 विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज में एम.बी.बी.एस. की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। कई विद्यार्थी तो इस स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों से डिग्री लेकर मुम्बई, दिल्ली, बैंगलुरु और पुणे आदि महानगरों में प्राइवेट सेक्टर में काम कर रहे हैं।

सफलता की कहानी (देवास)


ऋषभ जैन
पटेल कृषि फार्म के मार्के से बिक रहा है एप्पल बैर
मछली पालन में पारंगत सुरेश को मिलेगा राज्य स्तरीय पुरस्कार
अब गुड़ और दलिया खाकर स्कूल जाता है सहरिया परिवार का छोटू
वंश के बोल पर मिली तालियों की गड़गड़ाहट
नर्मदा सेवा समिति हीरापुर ने श्रमदान से बना दिया एक हजार बोरियों का बंधान
"एक सड़क ने बदला गांव का जीवन : खुले तरक्की के द्वार"
स्व-रोजगार योजनाओं की मदद से युवा वर्ग बन रहे उद्यमी
सरकारी योजनाओं से कमजोर वर्गों को मिल रही नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा
आर्थिक नुकसान की आशंका से मुक्त हुए किसान
कस्टम हायरिंग सेंटर चलाने वाला प्रदेश का पहला महिला स्व-सहायता समूह
ग्राम हड़हा वासियों को मिले पक्के घर
ग्रामीण महिलायें बनीं स्वावलम्बी : गाँव हुए खुशहाल
मन की बात से प्रेरित होकर बना दिया डेयरी का आधुनिकतम संयंत्र
व्यवसायी स्वयं घर आते हैं बेर खरीदने
मिसाल बने युवा उद्यमी गौरव : मुख्यमंत्री ने दी शाबाशी
मुख्यमंत्री की किसान हितैषी घोषणाओं से किसान हुए खुशहाल
स्व-रोजगार योजनाओं से युवा बन रहे स्वावलंबी
बड़ी बीमारी के इलाज में बड़ा सहारा बनीं सरकारी योजनाएँ
छिंदवाड़ा जिले के फ्लोराइड क्षेत्र में मिलने लगा शुद्ध पेयजल
आत्म-विश्वास से लबरेज हैं पनारी गाँव की महिलाएँ
दिव्यांग रोशनी को मिला आगे बढ़ने का हौसला
सोलर पम्प यूनिट से नरेन्द्र के खेतों में हो रही सिंचाई
युवा हिमांशु बन गए बड़े व्यवसायी
उद्यानिकी प‍द्धति से बंजर भूमि पर हो रही अनार की भरपूर खेती
मिर्ची की खेती ने राकेश को बनाया लखपति
ग्रामीणों की बैंक वाली दीदी बनीं मनीषा और कविता
अंतर्राष्ट्रीय कराटे चैम्पियनशिप में रजत पदक जीती कुमारी पायल
आत्मविश्वास से लबरेज हो चली हैं पनारी गाँव की महिलाएँ
सेनेटरी पैड बना रहीं आम्बाखोदरा की पैडवुमन हेमलता, भुरी और गुडडी
शासन की मदद से स्वावलम्बी बनी आत्म-विश्वासी सीमा
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 ...