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सफलता की कहानी

  

स्वरोजगार स्थापित कर झल्लूराम ने दिया दूसरों को रोजगार

भोपाल : बुधवार, नवम्बर 15, 2017, 14:30 IST

 

अनूपपुर का झल्लूराम अहिरवार आज एक साइबर कैफे और फोटो कापी की दुकान का मालिक है और उसने अपने सहयोग के लिए एक कर्मचारी को 3 हजार रूपये प्रतिमाह के वेतन पर रोजगार दिया है। यह सब झल्लूराम के लिए संभव हुआ, मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना के ऋण सुविधा से। झल्लूराम अहिरवार आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण 12वीं कक्षा पास करने के बाद कम्प्यूटर कोर्स कर नौकरी की तलाश में जुट गया। उसे समाचार पत्रों में अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए ऋण सुविधा की जानकारी मिली। झल्लूराम ने अनूपपुर की अंत्यावसायी सहकारी समिति के अधिकारियों से संपर्क कर साइबर कैफे एवं फोटो कापी की दुकान के संचालन के लिए ऋण का आवेदन दिया। अधिकारियों ने झल्लूराम को योग्य पाते हुए उसे मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 2 लाख रूपये का ऋण और 60 हजार रूपये का अनुदान स्वीकृत किया।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की मदद और अपनी लगन से झल्लूराम अहिरवार ने इस ऋण राशि से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक के समीप पोडंकी में साईबर कैफे और फोटो कापी की दुकान शुरू की। विश्वविद्यालय के समीप दुकान शुरू करने से उसका व्यवसाय धीरे-धीरे बढ़ने लगा। प्रतिमाह 8 से 10 हजार रूपये की आय प्राप्त होने लगी। कार्य की अधिकता के कारण झल्लूराम ने एक कर्मचारी को 3 हजार रूपये प्रतिमाह वेतन पर नियुक्त किया है और नियमित बैंक ऋण भी अदा कर रहा है। झल्लूराम अहिरवार का कहना है कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना ने हमें इस काबिल बना दिया है कि हम खुद स्वरोजगार स्थापित कर अन्य लोगों को भी रोजगार देने में सक्षम हो गए है।

 
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