| اردو خبریں | संस्कृत समाचारः मुख्य पृष्ठ | हिन्दी | English | संपर्क करें | साइट मेप
You Tube
पिछला पृष्ठ

सफलता की कहानी

  

बहुत पसंद किये जा रहे हैं लईक के प्लास्टिक बैग

भोपाल : बुधवार, नवम्बर 22, 2017, 14:45 IST

लईक मंसूरी ने सीहोर में प्लास्टिक के बैग बनाने का लघु उद्योग लगाया है। इनके बनाए बैग भोपाल, इंदौर और औबेदुल्लागंज में व्यपारियों द्वारा खरीदे जाते हैं। लईक के बनाये प्लास्टिक बैग अपनी खूबसूरती और मजबूती के कारण बहुत पसंद किये जा रहे हैं। ये बैग बाजार में पॉलीथीन का उपयोग रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

अभी हाल ही में भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय एमएसएमई सम्मेलन में लईक के प्लास्टिक बैग की खूब चर्चा रही। दर्शकों ने बैग की क्वालिटी की खूब सराहना की।

सीहोर में लईक मंसूरी एक मात्र प्लास्टिक बैग के होलसेलर हैं। इनके लघु उद्योग में स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिला है। लईक को यह लघु उद्योग लगाने की प्रेरणा जिला उद्योग केन्द्र के अधिकारियों से मिली। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना में ऋण मंजूर कराया और 30 फीसदी अनुदान भी दिलवाया।

लईक के प्लास्टिक बैग लघु उद्योग में महिला कामगारों को रोज 80 से 100 रुपये तक भुगतान मिलता है। खुद लईक अपने लघु उद्योग से हर महीने दस हजार रुपये तक शुद्ध मुनाफा भी कमा रहे हैं। इनकी तमन्ना है कि इस लघु उद्योग को संयुक्त परिवार के लिये बड़े उद्योग में तब्दील किया जाये। लईक को भरोसा है कि सरकार की योजना पर।

सफलता की कहानी (सीहोर)  

 
सफलता की कहानी
जैविक खेती से किसान चित्तरंजन को मिली अलग पहचान
मत्स्य पालकों की आय में 10 गुना वृद्धि
मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना की मदद से शिवराम की आय हुई दुगुनी
अब पक्के मकान में रहता है रामकिशन का परिवार
विद्युत शैलचॉक से बढ़ी उदयलाल की आमदनी
भावांतर भुगतान योजना में मक्का के मिल रहे अच्छे भाव
स्व-सहायता समूह द्वारा निर्मित चिक्की ने महिलाओं को दिया आर्थिक संबल
पहले करते थे मजदूरी, अब दे रहे हैं रोजगार
मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना से जिया को मिला जीवनदान
सुनने और बोलने लगे हैं भरत और प्रतिज्ञा
सरसों और प्याज की खेती में अव्वल भिण्ड जिले के किसान
अन्त्यावसायी स्व-रोजगार योजना से कपड़ा व्यवसायी बना राजेश
गौ-संवर्धन योजना से किसान बना धनवान
किसानों को मिल रहा उपज का लाभकारी मूल्य
रेखा को जन्म के 7 साल बाद मिली आंखों की रोशनी
फसलों के भाव में उतार-चढ़ाव की चिन्ता से मुक्त हुए किसान
सौरभ का रेडीमेड गार्मेन्ट पन्ना में अब अपरिचित नहीं रहा
माँ के लिए नौकरी छोड़ी तो स्व-रोजगार योजना बनी सहारा
भावांतर भुगतान योजना से निराशा से मुक्त हुए किसान
स्वरोजगार अपनाकार आरती ने दूसरों को दिया रोजगार
फसल की लाभकारी कीमत मिलने की गारंटी है भावांतर भुगतान योजना
सुमरी बाई का है पक्का घर और शौचालय
बेवा कुसमा बाई को मिला पक्का घर
किसानों को मिलीं कीमतें बेहतर- अफवाहें हुईं बेअसर
भावांतर भुगतान योजना से किसानों को मिला आर्थिक संबल
खरगोन में है प्रदेश का पहला रंगीन मछली उत्पादन केंद्र
कृषि उपज मंडियों में किसानों को उपज की मिल रही सही कीमत
किसान अब खेती-किसानी को घाटे का धंधा नहीं मानते
स्वच्छता के रोल मॉडल तुषार को उपहार में मिली सायकिल
भावांतर राशि पाकर खुश हैं रीवा जिले के किसान
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10