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सफलता की कहानी

  

कृषि उपज मंडियों में किसानों को उपज की मिल रही सही कीमत

भोपाल : शुक्रवार, दिसम्बर 1, 2017, 15:32 IST

बैतूल जिले के किसान इस बात से खुश हैं कि भावांतर भुगतान योजना लागू होने से कृषि उपज मंडियों में उनकी उपज की सही कीमत आसानी से मिलने लगी है। सरकारी महकमे की मंडियों में मौजूदगी से किसानों को विश्वास हो गया है कि गल्ला व्यापारी उनकी उपज का सही मूल्य मौके पर ही देगें। अधिकारियों की सक्रियता के कारण कृषि उपज मंडियों में यह माहौल बन गया है।

ग्राम खेड़ी के किसान ने भावांतर भुगतान योजना में अपना पंजीयन करवाया। मंडी में जाकर अपनी 70 क्विंटल सोयाबीन 2000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से गल्ला व्यापारी को बेची जिसकी कुल कीमत एक लाख 40 हजार रुपये हुई। गल्ला व्यापारी ने किसान केवल सिंह को मौके पर ही 50 हजार रुपये नगद भुगतान किया। शेष राशि केवल सिंह के बैंक खाते में आरटीजीएस के माध्यम से पहुंची। इसके अलावा भी उन्हें समर्थन मूल्य तथा मॉडल रेट के बीच की राशि 32 हजार 900 रुपये भावांतर राशि के रूप में भी मिली। केवल सिंह और उनका परिवार फसल का लाभकारी मूल्य पाकर संतुष्ट है।

विजयग्राम के किसान प्रयागराज सरजेराव ने 23 अक्टूबर को बैतूल मंडी में अपनी 27.81 क्विंटल सोयाबीन 2551 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बेची। गल्ला व्यापारी ने इन्हें 50 हजार रुपये नगद दिये और शेष राशि इनके बैंक खाते में आरटीजीएस के माध्यम से भेजी। प्रयागराज को इस तरह अपनी सोयाबीन की सही कीमत मिली, साथ ही समर्थन मूल्य और मॉडल रेट के बीच के अन्तर की 13 हजार 66 रुपये की राशि राज्य सरकार ने उन्हें उनके बैंक खाते में भावांतर राशि के रूप में मिली। इस योजना से मंडी में फसल बिकते ही तुरंत 50 हजार रुपये मिलने से प्रयागराज ने अगली फसल की तैयारी शुरू कर दी। बाकी राशि बैंक खाते में पहुंचते ही घर-परिवार की आवश्यकताएं भी पूरी की।

केवल सिंह और प्रयागराज सरजेराव की तरह ही ग्राम केरपानी के किसान पढंरी निम्बाजी भी भावांतर भगुतान योजना से लाभांवित हुए हैं। इन्होंने 31 अक्टूबर को बैतूल मंडी में अपनी 28.41 क्विंटल सोयाबीन 1800 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बेची थी। मंडी में इसकी कुल कीमत इन्हें नगद मिली, साथ ही भावांतर राशि 13 हजार 353 रुपये इनके खाते में भी पहुंची।

बैतूल कृषि उपज मंडी में किसानों की उपज की समय पर सही तुलाई और भुगतान की पुख्ता व्यवस्था की गई है। सरकारी महकमा मुस्तैदी के साथ किसानों के हित में कार्य कर रहा है। भावांतर भुगतान योजना में बैतूल जिले में 70 हजार किसानों ने पंजीयन करवाया है।

सफलता की कहानी (जिला बैतूल)

 
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