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सफलता की कहानी

  

किसानों को मिलीं कीमतें बेहतर- अफवाहें हुईं बेअसर

गुना एवं नरसिंहपुर जिले में 8,31,54,510 रुपये भावांतर राशि वितरित

भोपाल : सोमवार, दिसम्बर 4, 2017, 14:16 IST

 

भावांतर भुगतान योजना के बारे में शुरू में जितनी भी अफवाहें फैलाई गई, वो सब बेअसर साबित हुई हैं। किसानों को कृषि उपज मंडियों में उनकी फसल की वाजिब कीमत के साथ-साथ समर्थन मूल्य और मॉडल रेट के अन्तर की राशि राज्य सरकार की ओर से भावांतर राशि के स्वरूप में सीधे बैंक खातों में प्राप्त हो रही हैं। किसान अब अफवाहों से सावधान हो गये हैं और अपनी उपज को गल्ला किसानों की दुकानों की बजाय सीधे कृषि मंडियों में लाकर सरकारी महकमें की देखरेख में बेच रहे हैं।

भावांतर भुगतान योजना के पहले चरण में 16 अक्टूबर से 30 अक्टूबर के बीच गुना जिले की कृषि उपज मंडियों में 3644 किसानों ने अपनी फसल बेंची। इन्हें व्यापारी द्वारा फसल का नगद भुगतान मंडी में ही मिला और भावांतर राशि कुल 4 करोड़, 62 लाख 54 हजार 510 रुपये बैंक खातों के माध्यम से मिली। इस योजना के अन्तर्गत नरसिंहपुर जिले में उक्तावधि में 2457 किसानों ने कृषि मंडियों में जाकर अपनी फसल बेची। इन्हें भी मंडियों में फसल का वाजिब दाम मिला। साथ ही 3 करोड़ 69 लाख रुपये भावांतर राशि बैंक खातों में भी मिली।

गुना जिले के ग्राम मोड़का के किसान इन्द्रजीत चौहान को उनकी उड़द की फसल मंडी में बेचने पर अच्छी कीमत तुरंत मिली। साथ ही 1,12,879 रुपये भावांतर राशि बैंक खाते में मिली। इन्हें नहीं पता था कि बैंक खाते में पहुंची राशि किस कारण मिली है। इन्होंने बैंक जाकर पूछा तब मालूम हुआ कि यह मंडी में बेची गई फसल की भावांतर राशि है जो राज्य सरकार ने दी है। किसान इन्द्रजीत ने भावांतर राशि से अगली फसल की तैयारी शुरू कर दी है।

गुना जिले के ही बृजमोहन यादव को 1,17,792 रुपये, अर्चना बाई को 1,12,368 रुपये, चन्द्रभान सिंह को 84,672 रुपये और कैलाशनारायण नागर को 94,968 रुपये भावांतर राशि मिली है। ये किसान इस राशि का इस्तेमाल अपने घरेलू खर्चों की प्रतिपूर्ति और अगली फसल की तैयारी में कर रहे हैं।

भावांतर भुगतान योजना से ग्राम बढ़ैयाखेड़ा जिला नरसिंहपुर के किसान नरेन्द्र कुमार लोधी को 17.40 क्विंटल उड़द गोटेगांव मंडी में बेचने पर समर्थन मूल्य नगद मिला और भावांतर राशि 41,760 रुपये अलग से मिली। नरेन्द्र ने 2776 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से मंडी में अपनी उड़द बेची थी। नरेन्द्र की तरह ही प्यारेलाल लोधी को उड़द की फसल मंडी में बेचने पर तत्काल समर्थन मूल्य तो मिला ही, साथ ही भावांतर भुगतान योजना के अन्तर्गत 15,120 रुपये और ग्राम कन्हारपानी के कृषक डब्बूलाल लोधी को 71,160 रुपये भावांतर राशि मिली है। ये सभी किसान अब भावांतर भुगतान योजना के फायदे अच्छी तरह समझने लगे हैं।

सफलता की कहानी(गुना-नरसिंहपुर)

 
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