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सफलता की कहानी

  

फसल की लाभकारी कीमत मिलने की गारंटी है भावांतर भुगतान योजना

भोपाल : बुधवार, दिसम्बर 6, 2017, 14:21 IST

उज्जैन, शिवपुरी, खण्डवा और बैतूल आदि जिलों के किसान भावांतर भुगतान योजना को सरकार द्वारा किसानों के हित में लिया गया अब तक का सबसे अधिक महत्वपूर्ण फैसला मानते हैं। ग्राम भैंसोला तहसील खाचरौद जिला उज्जैन के किसान ऋतुराज सिंह ने बैंक खाते में भावांतर की 63 हजार 140 रुपये की राशि मिलते ही कहा कि सरकार ने घाटे से उबार दिया, वर्ना अगली फसल में परेशानी पक्की थी। इन्हें 471 रुपये प्रति क्विंटल के मान से सोयाबीन की भावांतर राशि प्राप्त हुई। इन्होंने 134 क्विंटल 32 किलो सोयाबीन इस योजना के तहत पंजीयन करवाकर मंडी में विक्रय किया था। इन्हें मंडी सचिव ने फोन कर किसान सम्मेलन में आने की सूचना दी थी, जहाँ पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भावांतर की राशि इनके खाते में अंतरित की थी।

शिवपुरी जिले के बड़ागांव के किसान अवतार सिंह भावांतर भुगतान योजना को फसल का वाजिब दाम मिलने की गारंटी मानते हैं। इन्हें शिवपुरी मंडी में उड़द की फसल बेचने पर 65 हजार 856 रुपये भावांतर राशि का भुगतान प्राप्त हुआ। अवतार सिंह ने भावांतर राशि सीधे बैंक खाते में मिलने पर बिचौलियों से तौबा करने की ठानी है। इसी तरह कोलारस के किसान दाता सिंह को उड़द की फसल मंडी में बेचने पर भावांतर राशि एक लाख 6 हजार 200 रुपये, बदरवास के किसान एस.एस. बुंदेला को एक लाख 5 हजार 240 रुपये और खनियाधान के रामकिशन यादव को 51 हजार 200 रुपये सीधे बैंक खातों में मिली है।

खंडवा जिले के सुलगांव ग्राम के दिलीप पाटीदार को भावांतर भुगतान योजना में सोयाबीन बेचने पर प्रति क्विंटल 470 रुपये के मान से 92 हजार 355 रुपये और ग्राम सोमखेड़ी के रामशंकर पटेल को 136 क्विंटल सोयाबीन बेचने पर 59 हजार रुपये भावांतर राशि मिली है। किसान प्रदीप मिश्रा को 20 क्विंटल उड़द बेचने पर पर 46,551 रुपये और ग्राम छापाकुंड के किसान अशोक सिंह को 18 क्विंटल उड़द बेचने पर 43,320 रुपये की भावांतर राशि मिली है। बैतूल जिले के ग्राम खेड़ीसांवलीगढ़ के कृषक केवल सिंह को भावांतर भुगतान योजना में उनके बैंक खाते में 32 हजार 900 रुपये मिले हैं।

प्रदेश के किसान भावांतर भुगतान योजना को अब फसल की लाभकारी कीमत मिलने की गारंटी मानने लगे  हैं।

 सफलता की कहानी (उज्जैन, शिवपुरी, खंडवा एवं बैतूल)

 
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