सक्सेस स्टोरीज

स्व-रोजगार योजनाओं का मिला संबल - करने लगे व्यापार

भोपाल : शुक्रवार, फरवरी 9, 2018, 15:05 IST

युवाओं को जैसे ही शासन द्वारा संचालित विभिन्न स्व-रोजगार योजनाओं का संबल मिला, वे व्यापारी बन गये। डिण्डौरी जिले के ग्राम पेवरा निवासी महेन्द्र सिंह तेकाम को मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना में एक लाख रुपये का लोन मिला तो उन्होंने किराने की दुकान खोली। अब तेकाम परिवार का बेहतर भरण-पोषण करने के साथ ही 1500 रुपये प्रति माह बैंक की किश्त भी नियमित रूप से दे रहे हैं।

पन्ना की आरती ने भी मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना में एक लाख रुपये का लोन लिया और किराने की दुकान संचालित कर रही है। इन्हें 30 हजार रुपये का अनुदान भी मिला।

कटनी जिले के ग्राम बड़खेड़ा निवासी श्री प्रहलाद कोल मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना की मदद से ठेकेदार बन गया है। उन्होंने लोन राशि एक लाख रुपये से सेंट्रिंग का कार्य शुरू किया। आज उनका व्यवसाय अच्छा फल-फूल रहा है।

झाबुआ जिले के ग्राम श्यामपुरा निवासी मोहन सिंह भाबोर ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में 24 लाख का लोन लेकर एक बस खरीदी और अब तीन बसों का मालिक है। भाबोर की मासिक आय लगभग डेढ़ लाख रुपये है। भाबोर ने प्रत्येक बस में 4-4 लोगों को रोजगार भी दे रखा है।

सतना के इलेक्ट्रिकल इंजीनियर अतिन गुप्ता ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में 35 लाख रुपये का लोन लेकर कारोगेंटेड बाक्स बनाने की इकाई स्थापित की है। इस कार्य में उन्होंने 12 लोगों को रोजगार भी दे रखा है।

सक्सेस स्टोरी (डिण्डौरी, पन्ना, कटनी, झाबुआ, सतना)


राजेश पाण्डेय
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