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मध्यप्रदेश में अनूठा जलवायु परिवर्तन चेतना कार्यक्रम

भोपाल : गुरूवार, सितम्बर 15, 2016, 17:35 IST
 

जलवायु परिवर्तन की चिंताओं को समझने एवं जागरूकता लाने के उद्देश्य से एप्को द्वारा MPCDMA के सहयोग से मध्यप्रदेश के विद्यालयों में इको क्लबों के माध्यम से जलवायु परिवर्तन चेतना अभियान की पहल की जा रही है। यह पहल इस मुद्दे को विद्यालयों के साथ समाज में भी जागरूकता लाने में सहायक होगी। इस राज्यव्यापी अभियान में राज्य के 500 विद्यालय भाग लेंगे।

जलवायु परिवर्तन प्राकृतिक प्रक्रिया है। वर्तमान में मानवीय गतिविधियों के कारण वायुमण्डल में ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन बढ़ता जा रहा है। इससे ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रही है तथा जलवायु में परिवर्तन हो रहा है।

ग्रीन हाउस गैसों का उत्‍सर्जन जीवाश्म ग्रीन हाउस गैसें हैं : कार्बन डाईऑक्साईड (CO2), मीथेन (CH4), नाइट्रस ऑक्साइड (N2o), ओजोन (O3), जल वाष्प, क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFC), हाईड्रोफ्लोरोकार्बन्स (HFCS), परफ्लोरोकार्बन्स (PFC) और सल्फर हेक्साफ्लुओराइड (SF6)।

कार्यक्रम में सहभागी विद्यालय

  • मध्यप्रदेश के समस्त जिला एवं विकासखण्ड स्तर के शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय।

  • जिला स्तर पर स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय।

  • प्रदेश के समस्त जवाहर नवोदय विद्यालय।

  • प्रत्येक जिले से एक केन्द्रीय विद्यालय।

उद्देश्य

  • जलवायु परिवर्तन विषय पर नेतृत्व क्षमता विकसित करना।

  • 'जलवायु परिवर्तन लीडर' शिक्षक प्रशिक्षित करना एवं 'जलवायु परिवर्तन मॉनिटर' विद्यार्थियों को जलवायु परिवर्तन विषय पर तैयार करना।

  • दैनिक जीवन में जलवायु परिवर्तन के मुद्दों पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के माध्यम से समाज में जागरूकता बढ़ाना।

  • पर्यावरण संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधन जैसे : ऊर्जा, पानी, मिट्टी एवं जैव विविधता को बचाने के संबंध में जागरूकता लाना।

राज्य स्तरीय समारोह

  • कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये भोपाल में एक दिवसीय राज्य स्तरीय पुरस्कार समारोह का आयोजन किया जाएगा।

  • विद्यालयों से प्राप्त प्रपत्र एवं प्रविष्टियों का मूल्यांकन एप्को द्वारा गठित विशेषज्ञों की समिति के निर्णय अनुसार किया जाएगा।

  • समारोह में तीनों प्रतियोगिताओं के प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं दो सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा।

  • राज्य-स्तरीय कार्यक्रम में प्रत्येक जिले से एक छात्र एवं एक शिक्षक भाग लेंगे। इनका चयन जिला शिक्षा अधिकारी/सहायक आयुक्त द्वारा किया जाएगा।

  • कार्यक्रम में जिले से आये शिक्षक अपने विद्यालयों की गतिविधियों का प्रस्तुतिकरण देंगे।

  • सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र दिये जायेंगे।

  • विद्यालयों का मूल्यांकन प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर किया जायेगा।

  • कार्यक्रम की समस्त जानकारी ई-मेल द्वारा प्रभारी शिक्षकों से प्राप्त की जाती रहेगी।

संसाधन सामग्री का उपयोग

  • जलवायु परिवर्तन चेतना कार्यक्रम अंतर्गत तैयार संसाधन सामग्री का व्यापक उपयोग निम्न माध्यम से किया जा सकता है:-

  • छात्रों के माध्यम से ।

  • शिक्षकों के माध्यम से।

  • विद्यालय स्तर पर ।

  • सार्वजनिक स्तर पर।

कार्यक्रम का प्रभाव

  • कार्यक्रम का क्रियान्‍वयन मध्यप्रदेश के समस्त जिलों के 500 विद्यालयों में होगा जिसमें 500 'जलवायु परिवर्तन लीडर' शिक्षकों एवं लगभग 25000 'जलवायु परिवर्तन मॉनिटर' छात्रों को कार्यशाला एवं गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षित करेंगे।

  • 'जलवायु परिवर्तन लीडर' और 'जलवायु परिवर्तन मॉनिटर' द्वारा व्यवहारिक सोच में बदलाव लाना। 'जलवायु परिवर्तन लीडर' और 'जलवायु परिवर्तन मॉनिटर' द्वारा जलवायु परिवर्तन विषय की जानकारी संभवत: 04 व्यक्तियों और परिवार के सदस्यों तक सीधे तौर पर और उनसे जुड़ने वाले तक आसानी से पहुँचेगी। छात्रों द्वारा इस संदेश का प्रचार-प्रसार कर लगभग एक लाख से भी अधिक लोगों तक पहुँचाया जाना संभव होगा।

  • परोक्ष रूप से कार्यक्रम के तहत परिवारों, दोस्तों, पड़ोसियों एवं समाज तक महत्वपूर्ण विषय की जानकारी पहुँचाना संभव होगा।

  • प्रकृति और प्राकृतिक संसाधनों के प्रति बच्चों और उनके माध्यम से समाज को और अधिक जिम्मेदार बनाया जा सकेगा।

  • 'Think Globally Act Locally' सिद्धांत के आधार पर जलवायु परिवर्तन विषय पर एक शिक्षित एवं जागरूक समाज का विकास हो सकेगा।

प्रस्तावित गतिविधियाँ

  • सहभागी विद्यालय से एक शिक्षक को 'जलवायु परिवर्ततन लीडर' शिक्षक के रूप में प्रशिक्षित किया जायेगा।

  • 'जलवायु परिवर्तन लीडर' द्वारा विद्यालय स्तर पर जलवायु परिवर्तन मुद्दों पर अधिकतम 300 शब्द का निबंध, अधिकतम 8 शब्द का स्लोगन एवं चित्रकला (12 x 18 Inch) प्रतियोगिता का आयोजन करना। प्रत्येक प्रतियोगिता का मूल्यांकन शिक्षक एवं प्राचार्य द्वारा कर प्रथम 03 विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।

  • विद्यार्थियों द्वारा ऊर्जा एवं जल खपत का मूल्यांकन करना (Energy & Water Audit)।

  • विद्यालय द्वारा जन जागरूकता के लिये रैली का आयोजन करना।

  • निर्धारित प्रारूप में प्रतिवेदन, फोटोग्राफ, प्रेस विज्ञप्ति आदि (Soft & Hard Copy) एप्को में भेजा जाना।

  • राज्य स्तर पर होने वाले कार्यक्रम के लिये विद्यालय स्तर पर तीनों प्रतियोगिताओं की प्रथम तीन प्रविष्टियों को एप्को में भेजा जाना है। एप्को द्वारा चयनित विद्यालयों को जलवायु परिवर्तन चेतना कार्यक्रम के आयोजन एवं क्रियान्वयन के लिए रूपये 5000 का अनुदान आरटीजीएस (RTGS) एवं चेक के माध्यम से दिया जायेगा।

 
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