| اردو خبریں | संस्कृत समाचारः मुख्य पृष्ठ | हिन्दी | English | संपर्क करें | साइट मेप
You Tube
पिछला पृष्ठ

आलेख

  
मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर विशेष लेख

राज्य सरकार प्रदेश में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिये तत्पर

भोपाल : बुधवार, अक्टूबर 26, 2016, 19:15 IST
 

मध्यप्रदेश विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिये लगातार प्रयासरत है। इसी तारतम्य में प्रदेश में शोध-कार्य करने के लिये नवीन शोध परियोजनाओं को एवं वैज्ञानिकों, प्राध्यापकों एवं शोधार्थियों को अंतर्राष्ट्रीय-स्तर पर शोध-पत्रों का वाचन करने के लिये सहयोग दिया जा रहा है। प्रदेश के युवा वैज्ञानिकों को शोध कार्य प्रस्तुत करने के लिये सशक्त मंच प्रदान किया जा रहा है। युवा वैज्ञानिक कांग्रेस का आयोजन कर प्रदेश के युवा वैज्ञानिकों को पुरस्कृत किया जाता है। खगोलीय विज्ञान के प्रचार-प्रसार एवं शोध कार्य को प्रोत्साहित करने के लिये उज्जैन जिले में खगोलीय वेधशाला एवं आधुनिक तारामंडल की स्थापना की गयी है।

मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् में एडवांस रिसर्च एण्ड इंस्ट्रूमेंटेशन फेसिलिटी के जरिये प्रयोगशालाओं में आधुनिक उपकरणों पर लघु शोध, प्रशिक्षण, मृदा-जल आदि के नमूना परीक्षण की सुविधा प्रदान की गयी है। ओबेदुल्लागंज, जिला रायसेन स्थित प्रो. टी.एस. मूर्ति विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी स्टेशन द्वारा जैविक कृषि, टिश्यूकल्चर, औषधीय पौधों की खेती आदि विषयों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम किये गये हैं।

विज्ञान मेले

विज्ञान के लोक-व्यापीकरण के लिए, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की प्रगति दर्शाने एवं युवाओं को उद्यमी नवाचारी बनाने, ग्रामीण क्षेत्रों में हस्तशिल्प के माध्यम से रोजगार करने वालों के व्यवसाय को बढ़ाने के लिये स्थानीय एवं राज्य-स्तर पर विज्ञान मेले लगाये गये हैं।

विद्यार्थियों एवं विज्ञान शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिये शिक्षक दिवस पर मध्यप्रदेश विज्ञान प्रतिभा सम्मान समारोह कर विज्ञान प्रतियोगिताओं में चयनित विद्यार्थियों को पुरस्कृत एवं विज्ञान शिक्षकों को नवाचारी विज्ञान शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

विज्ञान मंथन यात्रा

मध्यप्रदेश उत्कृष्टता मिशन में विज्ञान मंथन यात्रा करवाई गयी। इसमें विद्यार्थियों एवं विज्ञान शिक्षकों ने देश एवं प्रदेश की प्रयोगशालाओं एवं वैज्ञानिक संस्थानों में भ्रमण एवं अवलोकन कर संवाद स्थापित किया। विज्ञान मंथन यात्रा के बाद निर्धारित मापदण्डों के आधार पर विद्यार्थियों का चयन कर छात्रवृत्ति प्रदान की गयी।

प्रदेश के कारीगरों एवं शिल्पियों के पारम्परिक ज्ञान के संरक्षण, कौशल उन्नयन तथा उन्हें नवीन तकनीकी की जानकारी देने के लिये ग्रामीण प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग केन्द्र की स्थापना औबेदुल्लागंज, जिला रायसेन में की गयी है। परिषद् द्वारा प्रतिवर्ष मध्यप्रदेश कारीगर विज्ञान कांग्रेस करवायी गयी तथा शिल्पियों को प्रशिक्षण दिया गया है। पेटेंट रिसर्च एण्ड इनोवेशन फेसिलिटी में जागरूकता कार्यक्रम कर नवाचारियों को पेटेंट फाइल करने के लिये सहयोग प्रदान किया गया।

महिला विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नेटवर्क तैयार

प्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से महिला सशक्तिकरण के कार्यक्रमों एवं परियोजनाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गयी है। विगत वर्षों में महिलाओं को शोध परियोजनाओं एवं ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण दे कर महिला केन्द्रित कार्यक्रमों को सहयोग किया गया। प्रदेश में महिला विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नेटवर्क तैयार किया गया है।

ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक/सामाजिक विकास के लिये विभिन्न उद्यमों यथा बाँस, लाख, शहद उत्पादन, माटी शिल्प, जैविक कृषि, खाद्य प्र-संस्करण में क्लस्टर विकास कार्यक्रम किये गये।

सुदूर संवेदन तकनीक

प्राकृतिक संसाधनों के सर्वेक्षण, विकास एवं प्रबंधन में सूदूर संवेदन तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस तकनीक को पूर्व प्रचलित पद्धति के साथ एकीकृत करने पर किसी भी क्षेत्र के बारे में जानकारी कम समय में एवं कम लागत में प्राप्त की जा सकती है। इस तकनीक द्वारा सामूहिक पाइप जल-प्रदाय योजना में त्रि-आयामी उपग्रह चित्रों द्वारा रतलाम जिले के फ्लोराइड प्रभावित ग्रामों के लिये जल-स्रोत से फिल्टर प्लांट तथा उपयुक्त उच्चतम स्थान से गुरुत्वाकर्षण द्वारा ग्राम तक जल पहुँचाने के लिये मानचित्र तैयार किये गये।

सभी जिलों का जीआईएस डाटाबेस तैयार

मध्यप्रदेश पुलिस के आधुनिकीकरण/सिटी सर्विलियन्स सिस्टम के लिये परिषद् द्वारा प्रदेश के सभी जिलों का जीआईएस डेटाबेस तैयार किया गया। इसके आधार पर मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा डायल-100 एवं सीसीटीवी नेटवर्क तैयार किया गया। इसके द्वारा आम जनता को कोई भी घटना घटित होने पर त्वरित लाभ प्राप्त हो रहा है। जीआईएस डेटाबेस की सहायता से मध्यप्रदेश पुलिस को घटना-स्थल की सही जानकारी प्राप्त होने पर त्वरित कार्यवाही करने में सहायता प्राप्त होती है।

मध्यप्रदेश होमगार्ड, सिविल डिफेन्स एवं राज्य आपदा आपातकालीन मोचन बल के लिये वेब (एसडीईआरएफ) जीआईएस आधारित 'राज्य कमांड एवं प्रतिक्रिया निगरानी प्रणाली'' तैयार की जा रही है। इसके लिये डाटा संग्रहण एवं जीआईएस मेपिंग करने के लिये मोबाइल एप्लीकेशन तैयार किये गये हैं।

मध्यप्रदेश पंजीयन एवं स्टाम्प विभाग की महत्वाकांक्षी परियोजना 'संपदा' के लिये उपग्रह मानचित्र एवं जीआईएस आधारित संपत्ति की वस्तु-स्थिति की पहचान के लिये कस्टमाईज्ड मॉड्यूल तैयार किया गया है।

कृषि एटलस सहित संसाधन केन्द्रित जिला एटलस तैयार

शासन के विभिन्न विभागों एवं अन्य एजेंसियों के विकास कार्यक्रमों की विकासीय योजना को तैयार करने में सहायता प्रदान करने के लिये राज्य एवं जिला-स्तर पर उपलब्ध विभिन्न संसाधनों को दर्शाते हुए विस्तृत एटलस तैयार किये गये हैं। योजना में प्रदेश का कृषि एटलस भी तैयार किया गया है।

जलवायु परिवर्तन शोध केन्द्र स्थापित

जलवायु परिवर्तन के कारण, निवारण एवं उसके प्रभावों का व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक अध्ययन करने के साथ ही अध्ययनों का समुचित उपयोग प्रदेश की खाद्यान्न, पर्यावरण एवं आर्थिक सुरक्षा के संदर्भ में सुनियोजित योजनाओं के निर्माण में सुनिश्चित करने के लिये मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् में जलवायु परिवर्तन शोध केन्द्र की स्थापना की गयी है। जलवायु परिवर्तन संबंधी आँकड़े उपग्रह चित्रों, मौसममापक यंत्रों, एग्रीमेंट टॉवर आदि के माध्यम से निरंतर एकत्रित किये जा रहे हैं।

योजनाएँ जिन्हें भारत सरकार ने सराहा

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजना जल-ग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एवं निगरानी के लिये त्रि-आयामी उपग्रह चित्रों के माध्यम से नक्शे एवं एंड्रायड मोबाइल बेस्ड एप्लीकेशन तैयार किया गया है। प्रदेश के रिमोट सेंसिंग आधारित इस प्लॉन का चयन भारत सरकार द्वारा बेस्ट प्रेक्टिसेस की श्रेणी में कर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का उत्कृष्ट नवाचार के राष्ट्रीय पुरस्कार के लिये चयन किया गया।

इन योजनाओं में प्रदेश देश में अव्वल

उज्जैन में एक अत्याधुनिक तारा-मण्डल एवं डोंगला में वेधशाला का निर्माण किया गया। नव-निर्मित तारा-मण्डल प्रदेश का प्रथम तथा हाइब्रिड प्रोजेक्शन तकनीक पर आधारित अनूठा है। तारामंडल में आप्टो मेकेनिकल एवं डिजिटल प्रोजेक्टर का समावेशन किया गया है।

परिषद् के बजट में 11 वर्ष के दौरान पूर्व वर्षों की तुलना में 10 गुना वृद्धि की गयी है। वर्ष 2004-05 में कुल बजट रुपये 3.09 करोड़ था एवं वर्ष 2016-17 में कुल बजट रुपये 34.79 करोड़ है। इस तरह से प्रदेश में रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है।

 
आलेख
नर्मदा सेवा मिशन की जिम्मेदारियाँ तय
यात्रा से लोगों के सोच में आया सकारात्मक बदलाव
एक व्यक्ति का सार्थक प्रयास बदला बड़े जन-आंदोलन में
गर्मियों में पचमढ़ी आना बन जाता है खास
एक सार्थक अभियान के साथ जुड़ता जन-जन - डॉ. नरोत्तम मिश्र
नर्मदा और सहायक नदियाँ प्रदेश में स्‍थाई परिवर्तन की संवाहक बनी
वर्ष 2016 : घटनाक्रम
आज का सपना कल की हकीकत
सार्वजनिक वितरण प्रणाली हुई सुदृढ़ और असरकारी
लोगों के साथ नगरों का विकास - माया सिंह
प्रदेश की तरक्की में खनिज संसाधनों का बेहतर उपयोग
रंग ला रही है वनवासी कल्याण की दीनदयाल वनांचल सेवा
"नमामि देवी नर्मदे-नर्मदा सेवा यात्रा-2016
शिक्षा के जरिये युवाओं को मिले बेहतर अवसर
खेती-किसानी में समृद्ध होता मध्यप्रदेश - गौरीशंकर बिसेन
नव स्वास्थ्य की भोर
प्रदेश में सड़क निर्माण के बेमिसाल 11 साल
उच्च शिक्षा प्राप्त करने का सपना हुआ साकार
बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण शांति का टापू बना मध्यप्रदेश
जल-वायु स्वच्छता के महती प्रयास
मध्यप्रदेश में कला-संस्कृति की समृद्ध परंपरा को दिया गया विस्तार
तकनीकी शिक्षा सुविधाओं में हुई उल्लेखनीय वृद्धि
शासकीय सेवकों को दक्ष और सक्षम बनाती प्रशासन अकादमी
शिल्पी, बुनकर, कारीगर उत्थान और प्रदेश के हस्तशिल्प-हथकरघा वस्त्रों को नयी पहचान
चिकित्सा शिक्षा में विस्तार और सुधारों से जनता को मिला बेहतर इलाज
स्वाधीनता के संघर्ष और शहीदों की प्रेरक गाथाओं को उद्घाटित करने में अव्वल मध्यप्रदेश
युवाओं द्वारा पौने तीन लाख से ज्यादा सूक्ष्म,लघु और मध्यम उद्यम स्थापित
मछली-पालन बना रोजगार का सशक्त जरिया
बिजली संकट को दूर कर प्रकाशवान बना मध्यप्रदेश
आई.टी. के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने नई नीति जारी
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10