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मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर विशेष

आई.टी. अधोसंरचना विकास के कार्य जारी

भोपाल : शुक्रवार, अक्टूबर 28, 2016, 19:14 IST
 

प्रदेश में निवेश के प्रति बने अनुकूल वातावरण को ध्यान में रखते हुए आई.टी. संबंधित अधोसंरचना विकास के कार्य लगातार किये जा रहे हैं। इसके साथ ही आई.टी., आई.टी.ई.एस. एवं ई.एस.डी.एम. निवेश प्रोत्साहन नीति-2016 जारी की गयी है। नीति में निवेशकों के लिये विभिन्न रियायतों का समावेश किया गया है। भारत सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम में भी प्रदेश तेजी से कार्य कर रहा है।

आई.टी. पार्क की स्थापना

प्रदेश के महानगर इंदौर के परदेशीपुरा एवं ग्वालियर में आई.टी. पार्क संचालित है। आई.टी. पार्क परदेशीपुरा का भवन निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। सिंहासा आई.टी. पार्क इंदौर, बड़वई आई.टी. पार्क भोपाल एवं पूरवा जबलपुर में आई.टी. पार्क की स्थापना के प्रथम चरण में मूलभूत अधोसंरचना का विकास 75 प्रतिशत पूरा हो गया है।

आई.टी. पार्क इंदौर में 14, भोपाल में 25 एवं जबलपुर में 4 इकाई को भूमि आवंटित की गयी है। सागर में आई.टी. पार्क की स्थापना की प्रक्रिया प्रचलित है।

इलेक्ट्रॉनिक्स मेन्युफेक्चरिंग क्लस्टर्स

मध्यप्रदेश देश का वह पहला राज्य है, जहाँ एक साथ दो भोपाल एवं जबलपुर इलेक्ट्रॉनिक्स मेन्युफेक्चरिंग क्लस्टर्स की स्थापना की स्वीकृति भारत सरकार द्वारा दी गयी है। दोनों जगह EMC की मूलभूत अधोसंरचना का विकास कार्य प्रगति पर है। भवन निर्माण का काम अंतिम चरण में है।परियोजना के सुचारु संचालन के लिये प्रदेश में एक पृथक कम्पनी 'भोपाल इलेक्ट्रॉनिक्स मेन्युफेक्चरिंग क्लस्टर पार्क लिमिटेड'' का गठन किया गया है। क्लस्टर में 5 इकाई को भूमि आवंटित की गयी है। क्लस्टर के विकास का कार्य प्रगति पर है। क्लस्टर्स के क्षेत्र में 50,000 रोजगार का सृजन होगा।

स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (SWAN)

मध्यप्रदेश में शासकीय कार्यालयों में नागरिकों की सुविधाओं को देखते हुए कम्प्यूटरीकृत प्रणाली के तहत दैनिक गतिविधियों का सुगमता, तीव्रता एवं पारदर्शिता से निष्पादन किये जाने में स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (SWAN) की महत्पूर्ण भूमिका है। प्रदेश में भारत सरकार के दिशा-निर्देशानुसार इस नेटवर्क की स्थापना की गयी है।विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के सहयोग से इस परियोजना में मध्यप्रदेश में 400 Points of Presence (POP) केन्द्र की स्थापना की जा रही है। अब तक 380 पॉप केन्द्र की स्थापना की जा चुकी है और 40 नवीन तहसील में से 20 में Points of Presence (POP) केन्द्रों की स्थापना की गयी।

प्रदेश में इस नेटवर्क के माध्यम से राज्य के 51 विभाग के कार्यालयों में 10 हजार उपयोगकर्ता को SWAN से कनेक्टिविटी दी गयी है। शासकीय उपयोग में नेटवर्क की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए नेटवर्क को निर्बाध रूप से संचालित किये जाने के लिये वैकल्पिक व्यवस्था भी की गयी है।

स्टेट रेसीडेंट डाटा हब

प्रदेश के रहवासियों के केन्द्रीयकृत डाटा संधारण, संधारित डेटाबेस के विश्लेषण तथा उससे बेहतर योजना नियोजन के उद्देश्य से प्रदेश में स्टेट रेसीडेंट डाटा हब (SRDH) की अधोसंरचना की गयी है। विकसित राज्य में कॉमन डाटा रिपोजिटरी के लिये आधारभूत अधोसंरचना स्टेट रेसीडेंट डाटा हब (SRDH) के कार्य पूर्ण हो चुके हैं। प्रदेश के रहवासियों का 31 अगस्त, 2016 तक 85 प्रतिशत आधार पंजीयन हो गया है। शत-प्रतिशत पंजीयन की कार्यवाही जारी है।

स्टेट डाटा सेंटर

मध्यप्रदेश सरकार के सभी विभाग एवं एजेंसियों में उपलब्ध डिजिटल सामग्री को सुरक्षित रखने एवं आपस में बाँटने की निरंतरता 365 दिन एवं 24 घंटे जारी रखने के लिये भोपाल में वर्ष 2013 से स्टेट डेटा सेंटर क्रियाशील है। वर्तमान में सेंटर (SDC) में विभिन्न विभाग की 314 एप्लीकेशन्स चल रही हैं।

ई-टेण्डरिंग

शासकीय निविदाओं में पारदर्शिता एवं सुगमता को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के कार्यालयों द्वारा जारी की जाने वाली निविदाओं के लिये राज्य में वर्ष 2006 से ई-टेण्डरिंग प्रणाली संचालित है। शासन के सभी विभाग/संस्थाओं के लिये e-Procurement Portal का संचालन किया जा रहा है। विभाग की सभी निविदाएँ ऑनलाइन की जाती हैं। इस प्रणाली से पिछले वित्त वर्ष में 61 हजार करोड़ रुपये मूल्य की 54 हजार 847 निविदाएँ जारी की गयी हैं। ईएमडी एवं निविदा प्रपत्र बिक्री का भुगतान ई-पेमेंट द्वारा किया जाता है।

एम.पी. ऑनलाइन कियोस्क

राज्य में वर्तमान में 21 हजार 553एम.पी. ऑनलाइन कियोस्क के माध्यम से राज्य शासन के विभिन्न विभाग द्वारा प्रदान की जा रही 450 शासकीय सेवाएँ पारदर्शी तरीके से सुविधाजनक रूप से नागरिकों को उनके निकटतम स्थान पर ऑनलाइन उपलब्ध करवायी जा रही हैं।

आई.टी./ई-गवर्नेंस प्रशिक्षण

राज्य शासन के अधिकारियों/कर्मचारियों को ई-गवर्नेंस एवं आई.टी. परियोजनाओं के क्रियान्वयन के प्रति सुग्राही करने तथा उनमें कम्प्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी अन्य उपकरणों के उपयोग के लिये आवश्यक दक्षताओं के संवर्धन के लिये प्रदेश के सभी 51 जिले में ई-दक्ष केन्द्र स्थापित किये गये हैं। प्रत्येक केन्द्र में दो-दो प्रशिक्षक की जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी द्वारा नियुक्ति की गयी। इस साल सितम्बर तक लगभग 85 हजार अधिकारी-कर्मचारियों को आई.टी./ई-गवर्नेंस से संबंधित प्रशिक्षण दिया। मंत्रालय स्थित कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र में प्रारंभ से इस साल सितम्बर तक 4000 अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

वर्चुअल क्लॉस-रूम

वर्चुअल क्लॉस-रूम परियोजना में प्रदेश के उत्कृष्ट विषय-विशेषज्ञों द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा द्वारा 413 केन्द्र में शिक्षण जारी है। परियोजना के प्रारंभ से इस साल सितम्‍बर तक लगभग दो हजार व्याख्यान का प्रसारण कर 40 लाख से अधिक विद्यार्थी को लाभान्वित किया जा चुका है।

जीआईएस/एम.पी.एस.एस.डी.आई.

प्रदेश के नक्शों का एकीकृत डेटाबेस तैयार कर GIS के माध्यम से निर्णय सहायक तंत्र का विकास करना है। मध्यप्रदेश स्टेट स्पेशियल इन्फ्रास्ट्रक्चर नीति में प्रदेश के सभी विभाग को जीआईएस की प्रारंभिक सुविधाएँ देने के लिये परियोजना क्रियान्वित की गयी।

जीआईएस के लिये आवश्यक सेटेलाइट इमेज को सभी उपयोगकर्ताओं से साझा किया जाकर शासन को 23 करोड़ से अधिक की बचत गत एक वर्ष में हुई है। प्रदेश के सभी विभाग के जीआईएस डाटा की single repository तैयार किये जाने का कार्य चल रहा है।

प्रदेश के खसरा नक्शों का एकीकृत जीआईएस डाटा का निर्माण 94 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। शेष ग्रामों के जीआईएस नक्शे तैयार करने की कार्यवाही जारी है। उपलब्ध नगरीय एवं वन सीमा के नक्शों का संधारण का कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष नगरीय निकाय के जीआईएस नक्शे तैयार किये जा रहे हैं। अब तक वन, स्कूल शिक्षा, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से प्राप्त जीआईएस डाटा को single repository में संधारित किया जा चुका है।

संधारित डाटा को उपयोगकर्ताओं से साझा करने के लिये वेब सर्विसेस का विकास कर उक्त पोर्टल में उपलब्ध करवाया जा चुका है। इन वेब सर्विसेस के माध्यम से उपयोगकर्त्ता, मेप-आई.टी. में संधारित डाटा को अपने विभागीय वेब अथवा डेस्कटॉप आधारित एप्लीकेशन में सीधे उपयोग कर सकेंगे। एमपीएसएसडीआई परियोजना में कई विभाग/संस्था/परियोजना जैसे राज्य निर्वाचन आयोग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, ट्राईफेक, जल-संसाधन, पुरातत्व, पर्यटन आदि लाभान्वित हुए हैं।

एम.पी. मोबाइल

एम.पी. मोबाइल प्लेटफार्म के माध्यम से 154 नागरिक केन्द्रित सेवाओं का प्रदाय किया जा रहा है।

कम्प्यूटर दक्षता प्रमाणीकरण परीक्षा

राज्य शासन के विभिन्न विभागों, कार्यालयों में डाटा एंट्री ऑपरेटर,संस्थाओं, आई.टी. ऑपरेटर, सहायक ग्रेड-3, शीघ्रलेखक, स्टेनो टायपिस्ट तथा इसी प्रकार के अन्य लिपिकीय स्तर के पदों पर संविदार्थियों के चयन के लिये कम्प्यूटर पर कार्य करने के लिये कम्प्यूटर दक्षता प्रमाणीकरण परीक्षा करवायी जाती है। कम्प्यूटर दक्षता प्रमाणीकरण की 9 अक्टूबर, 2016 तक 7 परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गयी, जिनमें 24 हजार 262 अभ्यर्थी शामिल हुए।

इस तरह से भारतीय प्रतिभा को सूचना प्रौद्योगिकी से जोड़कर बेहतर भारत का निर्माण करने के उद्देश्य से भारत सरकार डिजिटल इण्डिया कार्यक्रम प्रदेश में संचालित है। कार्यक्रम में प्रदेश की सक्रिय भागीदारी के लिये कार्य, प्रत्येक नागरिक के लिये उपयोगी डिजिटल अधोसंरचना की उपलब्धता, माँग पर सेवाओं को तुरंत उपलब्ध करवाना और नागरिकों का डिजिटल सशक्तिकरण किये जाने का लक्ष्य निर्धारित कर कार्य किया जा रहा है।

 
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