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जन-कल्याण के 11 वर्ष

शासकीय सेवकों को दक्ष और सक्षम बनाती प्रशासन अकादमी

भोपाल : सोमवार, नवम्बर 28, 2016, 16:50 IST
 

एक कल्याणकारी राज्य व्यवस्था में राज्य के निवासियों का कल्याण सबसे ऊपर होता है। शासन की योजनाओं को बनाने से लेकर लागू करने तक सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी राज्य के अधिकारी एवं कर्मचारियों की होती है। इन महत्वपूर्ण दायित्व के निर्वहन के लिये सक्षम एवं दक्ष मानव संसाधन की जरूरत होती है। मध्यप्रदेश में यह काम आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी बखूबी कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बीते 11 साल में शासकीय सेवकों के ज्ञान एवं कौशल में वृद्धि पर बल दिया है उनका मानना है कि राज्य के अधिकारी-कर्मचारियों की कार्य-क्षमता एवं दक्षता में वृद्धि सुशासन के लिए जरूरी है। प्रशिक्षण ही एकमात्र ऐसा माध्यम है, जिसके द्वारा कर्मचारियों के ज्ञान एवं कौशल में वृद्धि करते हुए उन्हें जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार के लिये प्रेरित किया जाता है। प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी राज्य की शीर्षस्थ प्रशिक्षण संस्था है। मुख्यमंत्री श्री चौहान की मंशा के अनुरूप अकादमी ने शासकीय सेवकों के प्रशिक्षण के लिये महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विशेषकर पिछले 11 साल में प्रशासन अकादमी ने प्रशिक्षण एवं सुशासन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं।

अकादमी में इस अवधि में 3,804 प्रशिक्षण किये गये। इसमें कुल एक लाख 14 हजार 312 शासकीय सेवकों को प्रशिक्षण दिया गया। दूरस्थ अंचलों में कार्यरत शासकीय सेवकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था सेटेलाइट के जरिये की गयी। इसके लिये अकादमी में स्थापित सेटकॉम केन्द्र ने शिक्षा सहित अन्य विभाग के कर्मचारियों को विशेष रूप से तैयार प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों का उपयोग करते हुए प्रशिक्षण दिया। स्कूल शिक्षा एवं उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों के लिये विशेषज्ञों की सेवाएँ लेते हुए वर्चुअल कक्षाओं का प्रसारण शुरू किया गया। इससे दूरस्थ अंचलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों से शिक्षण का लाभ मिला और वे अपनी अध्ययन संबंधी कठिनाइयों का निवारण कर सकें।

प्रशासन अकादमी की उत्कृष्ट अधोसंरचना एवं गुणवत्तायुक्त प्रशिक्षण की क्षमता को देखते हुए भारत सरकार, अन्य राज्य सरकारों एवं देश के प्रतिष्ठित संस्थानों ने अकादमी को राष्ट्रीय महत्व के प्रशिक्षण कार्यक्रम के संचालन/आयोजन का दायित्व दिया है। वर्ष 2009 से अकादमी में अखिल भारतीय एवं केन्द्रीय सेवाओं के ग्रुप 'ए'' के अधिकारियों का आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम किया जा रहा है। अब तक ऐसे 7 प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारतीय पुलिस एवं भारतीय वन सेवा सहित देश की महत्वपूर्ण 14 केन्द्रीय सेवाओं के 512 अधिकारी यहाँ प्रशिक्षित हुए हैं। भारतीय विदेश सेवा एवं भारतीय आर्थिक सेवा के अधिकारियों का राज्य संलग्नीकरण भी अकादमी द्वारा किया जा रहा है। भारतीय वायु सेवा, राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय एवं भारत सरकार, सचिवालय प्रशिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (आईएसटीएम) के अधिकारियों के लिये भी अकादमी में प्रशिक्षण कार्यक्रम किये जा रहे हैं।

प्रशासन अकादमी में गुणवत्तायुक्त पूर्ण सेवाएँ देने एवं प्रशिक्षण के लिये आने वाले अधिकारियों के समक्ष आदर्श प्रस्तुत करने की दृष्टि से प्रमाणीकरण आईएसओ 9001:2008 संस्था के रूप में करवाया गया है। पूरे देश में मात्र कुछ राज्य प्रशिक्षण अकादमियों को ही यह गौरव हासिल है। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान तथा मुख्यमंत्री सचिवालय के आईएसओ 9001:2008 प्रमाणीकरण में अकादमी की भूमिका रही है। प्रशिक्षण के क्षेत्र में नवाचार तथा उत्कृष्ट पद्धतियाँ विकसित करने के लिये वर्ष 2015 में अकादमी को कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय (कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग) द्वारा दो राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। प्रशासन अकादमी देश की एकमात्र ऐसी प्रशिक्षण संस्था है, जिसे राष्ट्रीय-स्तर पर एक वर्ष में एक साथ दो पुरस्कार मिले।

पिछले 11 साल में अकादमी की अधोसंरचना में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रशिक्षण देने के लिये आधुनिक तकनीक से युक्त एक प्रशिक्षण हॉल निर्मित किया गया। साथ ही आधुनिक सुविधायुक्त खेल परिसर भी विकसित किया गया। अकादमी के कार्यालय का आधुनिकीकरण किया गया है। पचास दर्शकों की क्षमता का दृश्य-श्रव्य कक्ष और 500 दर्शकों की क्षमता का एक अत्याधुनिक सभागार निर्मित किया गया है।

अकादमी में 100 एम.बी.पी.एस. गति का नेटवर्क स्थापित किया गया है। इससे अकादमी सूचना-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीकी का उपयोग कर सकेगी। नेशनल नॉलेज नेटवर्क के माध्यम से अकादमी को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से जोड़ा गया है। अकादमी में आदर्श पर्यावरण निर्माण के लिये हरित क्षेत्र भी विकसित किया गया है।

वर्तमान में प्रशासन अकादमी की अधोसंरचना को और सुद्दढ़ करने की दृष्टि से सर्व-सुविधायुक्त 54 कक्ष के छात्रावास का निर्माण, चार आधुनिक कम्प्यूटर लैब का निर्माण, पुस्तकालय के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण का काम लगभग अंतिम चरण में हैं। अत्याधुनिक स्वीमिंग पूल का निर्माण भी अकादमी परिसर में शुरू हो चुका है। शीघ्र ही अकादमी के प्रशिक्षण कक्षों एवं विद्यमान सभागार के नवीनीकरण का काम शुरू किया जा रहा है।

भारत सरकार ने अकादमी की विशिष्ट क्षमताओं को देखते हुए सभी के लिये प्रशिक्षण परियोजना, नव-नियुक्त तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के लिये परिचयात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम, सूचना का अधिकार के तहत क्षमता संवर्धन परियोजना, गुणवत्तायुक्त नागरिक सेवाओं के लिये सेवोत्तम परियोजना, नगरीय विकास के क्षेत्र में क्षमता संवर्धन के लिये हुडको चेयर एवं राष्ट्रीय भू-अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम की परियोजना स्वीकृत की है। इन परियोजनाओं पर अकादमी में सुचारू रूप से काम जारी है।

प्रशासन अकादमी द्वारा शासकीय सेवकों को प्रशिक्षित करने के लिये राज्य की नई प्रशिक्षण नीति भी तैयार की जा रही है। इसमें प्रदेश के सभी शासकीय सेवकों को उनकी जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जायेगी। इससे प्रदेश की जनता को उत्तरदायी, पारदर्शी, संवेदनशील एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ सुलभ करवाने में शासकीय मशीनरी और अधिक दक्ष और क्षमतावान बनायी जा सकेगी। अकादमी विकेन्द्रीकृत प्रशिक्षण के लिये शासन की विद्यमान अधोसंरचना का उपयोग करते हुए संभाग एवं जिला-स्तरीय प्रशिक्षण व्यवस्था पर भी काम कर रही है।

 
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