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कुपोषण के खिलाफ दो विभाग ने छेड़ी जंग

भोपाल : सोमवार, नवम्बर 28, 2016, 16:22 IST
 

मध्यप्रदेश में कुपोषण को नियंत्रित करने के लिये लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और महिला-बाल विकास विभाग ने साझा रणनीति तैयार की है। ये विभाग 16 से 30 नवम्बर, 2016 तक 168 चिन्हित विकासखण्ड एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों में 'दस्तक अभियान' चलायेंगे। अभियान में लगभग 8-10 लाख परिवार एवं 50 लाख 5 वर्ष से कम उम्र बच्चों के लिये स्वास्थ्य एवं पोषण गतिविधियों को घर-घर पहुँचाया जायेगा। आशा एवं आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम संयुक्त रूप से स्थानीय जन-प्रतिनिधि के साथ बच्चों के स्वास्थ्य पर नजर रखेंगे।

अभियान में स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला टीकाकरण अधिकारी, विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी और महिला-बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी और परियोजना अधिकारी के उत्तरदायित्व निर्धारित कर दिये गये हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के दायित्व

  • दस्तक अभियान का अपने जिले के चिन्हित एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र क्षेत्रों में क्रियान्वयन।

  • आवश्यक औषधि, सामग्री और मुद्रण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करना।

  • कलेक्टर को जानकारी देकर कलेक्टर कार्यालय से कर्मचारियों की नामजद ड्यूटी लगाना।

  • जिला टीकाकरण अधिकारी के जरिये अभियान की सूचना ब्लॉक एवं ग्राम-स्तरीय कर्मचारियों तक पहुँचाना।

  • अभियान की दैनिक रिपोर्टिंग की निगरानी करना।

  • रेफरल हेतु चिन्हांकित बच्चों की रेफरल एवं समुचित प्रबंधन की मॉनीटरिंग करना।

जिला टीकाकरण अधिकारी

  • टीकाकरण की सूक्ष्म कार्य-योजना की तर्ज पर नामजद ग्रामवार माइक्रो प्लॉन बनाना एवं मूल्यांकन।

  • जिला एवं विकासखण्ड-स्तरीय स्वास्थ्य एवं महिला-बाल विकास विभाग के कर्मचारियों से सतत समन्वय बनाना।

  • समग्र पोर्टल आधारित राज्य-स्तर से भेजे गये विकासखण्ड एवं ग्रामवार डेटा को महिला-बाल विकास विभाग के जिला अधिकारियों से साझा करना।

  • अभियान के क्रियान्वयन के लिये अधिकारी-कर्मचारियों का उन्मुखीकरण करना।

  • रेफरल बच्चों की चिकित्सकीय जाँच तथा समुचित प्रबंधन की मॉनीटरिंग करना। दस्तक अभियान की रिपोर्टिंग के लिये राज्य-स्तर से सतत सम्पर्क में रहना।

जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला-बाल विकास विभाग

  • मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के साथ अभियान की समन्वित कार्य-योजना तैयार करना।

  • विभाग के विकासखण्ड-स्तरीय एवं मैदानी कार्यकर्ताओं को अभियान की जानकारी देना।

  • अधीनस्थ कर्मचारियों की नामजद ड्यूटी निर्धारण।

  • आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का विकासखण्ड-स्तर पर उन्मुखीकरण सुनिश्चित करना।

  • सभी आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को एमयूएसी टेप उपलब्ध करवाना।

  • दैनिक रिपोर्टिंग के लिये विकासखण्ड परियोजना अधिकारी एवं चिकित्सा अधिकारी से सतत सम्पर्क बनाना।

  • दस्तक अभियान में चिन्हांकित बच्चों की रेफरल एवं समुचित प्रबंधन की मॉनीटरिंग।

विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी

  • दस्तक अभियान का चिन्हित विकासखण्ड एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र क्षेत्रों में क्रियान्वयन।

  • अभियान के लिये आवश्यक सभी निर्धारित औषधि, सामग्री और माँ कार्यक्रम की आशा इन्फो किट, रेफरल के लिये नि:शुक्ल परिवहन का टोल-फ्री नम्बर, निकटस्थ स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सक का नाम एवं मोबाइल नम्बर की उपलब्धता मैदानी कर्मियों तक सुनिश्चित करना।

  • अधीनस्थ कर्मचारियों की नामजद ड्यूटी लगाना।

  • आशा एवं आँगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा अभियान की गतिविधि का प्रसार सुनिश्चित करने के लिये ग्राम में समय से पहले सूचना पहुँचाना।

  • अभियान के उद्देश्यों के प्रति कर्मचारियों का उन्मुखीकरण करना।

  • ग्राम-स्तर पर चिन्हांकित गंभीर एनेमिक बच्चों को रक्ताधान के लिये उचित संस्थान तक नि:शुल्क परिवहन की व्यवस्था सुनिश्चित करना।

  • चिन्हांकित गंभीर कुपोषित बच्चों के लिये पोषण पुनर्वाय केन्द्रों में पर्याप्त बिस्तरों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।

  • यदि केन्द्र में उपलब्ध बिस्तरों से अधिक बच्चे चिन्हांकित होते हैं तो स्थानीय प्रशासन की मदद से अतिरिक्त बिस्तरों की व्यवस्था करना।

  • संभावित निमोनिया से पीड़ित बच्चों की सबसे पहले उप स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर एवं सुधार न होने की दशा में प्राथमिक या सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर उपचार सुनिश्चित करना।

  • 'माँ' कार्यक्रम के लिये सभी आशा कार्यकर्ता का उन्मुखीकरण और आशा पोर्टल में इसकी जानकारी दर्ज करना।

  • दैनिक रिपोर्टिंग की निगरानी करना और चिन्हांकित रेफरल बच्चों की मॉनीटरिंग।

परियोजना अधिकारी महिला-बाल विकास

  • विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी के साथ दस्तक अभियान की संयुक्त रणनीति तैयार करना।

  • गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान के लिये आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का उन्मुखीकरण करना।

  • चिन्हांकित गंभीर कुपोषित बच्चों की रेफरल एवं भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित करना।

  • चिन्हांकित गंभीर कुपोषित बच्चों की जानकारी अद्यतन करना।

  • दस्तक अभियान के उद्देश्यों के प्रति आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं आईसीडीएस सुपरवाइजर का उन्मुखीकरण करना।

  • नवजात शिशुओं की माताओं और समुदाय को 'माँ' कार्यक्रम में स्तनपान की जानकारी देने के लिये कर्मचारियों को निर्देशित करना।

  • अभियान की दैनिक रिपोर्टिंग और चिन्हांकित बच्चों की रेफरल एवं समुचित प्रबंधन की निगरानी करना।

 
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