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जन-कल्याण के 11 वर्ष

मध्यप्रदेश में पर्यटन विकास का एक दशक (Decade)

भोपाल : सोमवार, नवम्बर 28, 2016, 16:26 IST

रोजाना के जीवन में पर्यटन के बढ़ते महत्व और पर्यटन विकास को देखते हुए मध्यप्रदेश में वर्ष 1978 में राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम की स्थापना की गई थी। आज यह संस्था न केवल अपने गठन के उद्देश्यों को पूरा करने के प्रति समर्पित होकर कार्य कर रही है बल्कि उत्तरोत्तर विकास की ओर अग्रसर भी है।

यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि वर्ष 2004-05 में जो मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम लगभग बंद होने की कगार पर था उसी निगम के बजट में पिछले 10 वर्ष में 10 गुना से भी ज्यादा इजाफा हुआ है। इसी प्रकार प्रदेश में भ्रमण पर आने वाले सैलानियों की संख्या में भी 10 से 15 फीसदी इजाफा हुआ है। वस्तुत: यह एक बंद होने के कगार पर खड़ी संस्था को पुनस्थापित करने या Revive करने की सफल कहानी है जो अन्य संस्थानों के लिये अनुकरणीय होने के साथ Case Study का भी उपयुक्त विषय है।

मध्यप्रदेश पर्यटन : विकास के सोपान

क्रं.

विवरण

10-11 वर्ष की तुलना

2004-05

2015-16

1

टर्न ओवर

16 करोड़

150 करोड़

2

यूनिट्स

40

72

3

नई यूनिट

----

सागौन रिट्रीट देलावाड़ी एवं बाइसन रिसॉर्ट मढ़ई का शुभारंभ।

4

ISO प्राप्त होटल/यूनिट्स

----

20

5

भ्रमण पर आने वाले पर्यटक

देशी

विदेशी

देशी

विदेशी

71,16,475

95,471

7,79,75,738

4,21,365

नवाचार (Innovations)

प्रथम जल-महोत्सव का हनुवंतिया में सफल आयोजन किया गया। हनुवंतिया में वॉटर स्पोर्टस कॉम्प्लेक्स का निर्माण कर क्रूज़, मोटर बोट एवं जलपरी का संचालन किया जा रहा है। द्वितीय जल महोत्सव 15 दिसम्बर 2016 से 15 जनवरी 2017 तक आयोजित किया जायेगा। हनुवंतिया में हाउस बोट के संचालन की तैयारी है।

हनुवंतिया की तर्ज पर ओंकारेश्वर के नजदीक सैलानी टापू पर नया वॉटर स्पोर्टस केन्द्र विकसित किया जा रहा है। यह स्थान ओंकारेश्वर बाँध परियोजना के नजदीक स्थित है। यहाँ रिसॉर्ट और बोट क्लब का निर्माण अंतिम चरण में है।

प्रथम राज्य स्तरीय अवार्डस स्थापित कर कुल 30 श्रेणी में 39 अवार्डस वितरित किये गये। पहली बार जिला स्तर पर स्कूली विद्यार्थियों के लिये पर्यटन क्विज का आयोजन किया गया। कुल 3675 स्कूलों के लगभग 11 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने भागीदारी की। राज्य स्तर पर पर्यटन क्विज के फाइनल राउण्ड का आयोजन एवं पुरस्कार वितरण किया जा चुका है।

महत्वपूर्ण प्रोजेक्टस

पर्यटन विभाग भारत शासन से स्वीकृत केन्द्रीय योजना पर्यटक परिसर नीमच का शिलान्यास एवं बाँधवगढ़ में पर्यटक स्वागत केन्द्र का लोकार्पण इस अवधि में किया गया। चंदेरी में निर्मित इकाई ताना-बाना का व्यावसायिक संचालन प्रारंभ किया गया। साथ ही राजगढ़ जिले के ब्यावरा तथा सीहोर जिले के डोडी में संचालित इकाई के विस्तार एवं उन्नयन कार्य की शुरूआत की गई।

भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना में वाइल्ड लाइफ सर्किट के लिये 92 करोड़ 21 लाख की परियोजना स्वीकृत हुई है। बुद्धिस्ट सर्किट परियोजना के लिये भारत सरकार द्वारा 75 करोड़ की परियोजना स्वीकृत की गई है। भारत सरकार द्वारा प्रदेश में हेरिटेज सर्किट विकास के लिये 98 लाख रुपए से अधिक की मंजूरी दी गई है।

हेरिटेज पर्यटन विकास के लिये निवेशकों को नये अवसर उपलब्ध करवाये गये हैं। रूपये एक लाख की अपसेट प्राईस पर निवेशकों को निविदा के माध्यम से हेरिटेज प्रॉपर्टी आफर की जाती है। हाल ही में ताजमहल पैलेस भोपाल, गोविंदगढ़ फोर्ट रीवा एवं माधवगढ़ फोर्ट के विकास के लिये इन्वेस्टर्स का चयन किया गया है।

अवार्डस की श्रंखला

मध्यप्रदेश पर्यटन को हाल ही में और भी महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। वर्ष 2015-16 में भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा घोषित पाँच नेशनल अवार्ड मध्यप्रदेश को हासिल हुए हैं। इनमें बेस्ट टूरिज्म स्टेट का राष्ट्रीय अवार्ड शामिल है। पिछले साल भी मध्यप्रदेश को 6 राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त हुए थे।

इसके अतिरिक्त नई दिल्ली में मध्यप्रदेश पर्यटन को ‘हॉस्पिटेलिटी अवार्ड-2016’ प्रदान किया गया। पुणे में ट्रेवल एंड टूरिज्म फेयर में मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम को ‘बेस्ट डेकोरेशन अवार्ड’ प्राप्त हुआ। हैदराबाद में इंडीवुड फिल्म फेस्टिवल में मध्यप्रदेश पर्यटन को ‘बेस्ट टूरिज्म बोर्ड अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। मुम्बई में ट्रेवल एंड टूरिज्म फेयर में मध्यप्रदेश पर्यटन के पवेलियन को ‘बेस्ट डेकोरेशन अवार्ड’, मुम्बई में ही इंडिया इंटरनेशनल ट्रेवल मार्ट में मध्यप्रदेश पर्यटन को ‘बेस्ट वाइल्ड लाइफ डेस्टिनेशन ऑफ द इयर अवार्ड’ और मुम्बई में आयोजित लोकेशन्स एक्जीबिशन कॉन्फ्रेंस में मध्यप्रदेश पर्यटन को ‘लोकेशन्स एप्रीसिएशन्स फॉर इंडिया स्टेट स्पॉन्सरशिप अवार्ड’ प्रदान किया गया है। यह अवार्ड्स और सम्मान इस बात का प्रतीक है कि मध्यप्रदेश पर्यटन अपने उद्देश्यों की पूर्ति में प्रतिबद्धता के साथ जुटा हुआ है।

यह हुआ पहली बार

मध्यप्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य है, जहाँ पृथक से पर्यटन केबिनेट का गठन हुआ। राज्य ने अपनी पर्यटन नीति-2016 बनाकर लागू कर दी है। नीति पर्यटन के क्षेत्र में निवेशकों के अनुकूल, सरल एवं उदार बनायी गयी है। इसमें अनुदान एवं अन्य नियमों का सरलीकरण किया गया है। अब पूरे प्रदेश में कहीं भी पर्यटन क्षेत्र में निवेश करने पर निवेशकों को 15 से 40 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा, जिसकी सीमा 10 करोड़ तक होगी। नीति में शासकीय भूमि पर स्थापित होने वाली पर्यटक परियोजनाओं को स्टॉम्प ड्यूटी एवं पंजीयन शुल्क से भी मुक्त रखा गया है। पहली बार राज्य स्तर पर पर्यटन संवर्धन इकाई (टीपीयू) का गठन कर दिया गया है। जिलों में भी जिला पर्यटन संवर्धन समिति (DTPC) का गठन कर दिया गया है।

भोपाल स्थित ऐतिहासिक मिंटो हॉल (पुरानी विधानसभा भवन) के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार कार्य की शुरूआत हो गई है। यहाँ 500 सीटर कंवेंशन सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। अगले तीन साल में राजमार्गों एवं स्टेट हाइवे पर प्रत्येक 50 किलोमीटर पर मार्ग सुविधा केन्द्र स्थापित किये जायेंगे। अभी तक 57 स्थान पर ऐसी सुविधाएँ तैयार की जाकर निजी निवेशकों को सौंपने की तैयारी हो गई है। होम-स्टे योजना में अभी तक 84 का पंजीयन किया जा चुका है। ओरछा स्थित जहाँगीर महल को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित कर निजी क्षेत्र द्वारा संचालन की पहल की गई है। प्रदेश को वायु सेवा से जोड़ने पर पुन: कार्य प्रारंभ किया गया है।

मध्यप्रदेश पर्यटन की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग के उद्देश्य से जापानी, रशियन एवं चाइनीज भाषा में मध्यप्रदेश पर्यटन की जानकारीयुक्त ब्रोशर का प्रकाशन पहली बार किया गया है। हाल ही में वर्ल्ड ट्रेवल मार्ट (WTM) लंदन में प्रभावी सहभागिता की गई है। मार्ट में मध्यप्रदेश पर्यटन का उत्कृष्ट स्टॉल लगाया गया।

सिंहस्थ-2016 के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिये लगभग 25 करोड़ के अधोसंरचना विकास के कार्य किये गये। उज्जयिनी होटल का निर्माण लगभग 9 करोड़ की लागत से किया गया। खजुराहो एवं भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कन्वेंशन सेंटर का निर्माण प्रस्तावित है।

प्रशिक्षण

पिछले 11 वर्ष में फूड-क्राफ्ट संस्थान (FCI) जबलपुर का नवनिर्मित भवन में स्थानांतरण किया गया। फूड क्राफ्ट संस्थान, खजुराहो का भूमि-पूजन हुआ और फूड क्राफ्ट संस्थान, रीवा का संचालन शुरू हुआ। एस.आई.एच.एम. इंदौर में डिग्री कोर्स की शुरूआत की गई। एम.पी.आई.एच.टी., भोपाल में सर्टिफिकेट कोर्स की शुरूआत के साथ ही होम-स्टे योजना में प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यशाला के जरिये 500 से अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिलवाया गया।

रेलवे के सहयोग से प्रदेश के चार महानगरों में 276 कुलियों को म.प्र. पर्यटन की जानकारी के संबंध में आवश्यक प्रशिक्षण तथा जागरूकता अभियान संचालित हुआ। प्रदेश के 10 पर्यटन स्थलों पर तैनात 228 पुलिसकर्मियों को पर्यटन जागरूकता एवं पर्यटकों की सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण दिया गया। राज्य पर्यटन विकास निगम के चार बोट क्लब पर 66 प्रतिभागियों को बोट संचालन एवं सुरक्षा संबंधी आवश्यक प्रशिक्षण दिलवाया गया।

प्रदेश के विभिन्न पर्यटक स्थलों पर कार्यशाला के माध्यम से पहली बार 566 ऑटो/टैक्सी ड्राइवर को आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया। उज्जैन में संपन्न सिंहस्थ-2016 के लिये पथ प्रदर्शकों को आवश्यक प्रशिक्षण देकर 113 पथ प्रदर्शक कार्ड जारी किये गये। अनुसूचित जाति, जनजाति के आवेदकों को रोजगार मुहैया करवाने के उद्देश्य से पर्यटक स्थल पातालकोट- तामिया, अनहोनी- झिरपा में 110 प्रशिक्षणार्थियों को हॉस्पिटेलिटी एवं साहसिक खेल का प्रशिक्षण दिया गया। पर्यटन जागरूकता कार्यक्रम संचालित कर 2215 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही ‘हुनर से रोजगार’ जैसी अभिनव योजना में 1323 युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिलवाया गया।

 
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