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विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध-घुमक्कड़ जनजातीय कल्याण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन

भोपाल : मंगलवार, अक्टूबर 31, 2017, 16:36 IST
 

मध्यप्रदेश में कमजोर वर्गों की तरक्की की योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रदेश में वर्तमान में विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध-घुमक्कड़ जनजातियों में 51 जातियों को सम्मिलित किया गया है। इन जनजातियों की प्रमुख समस्या शैक्षणिक पिछड़ापन, आर्थिक विपन्नता एवं घुमक्कड़ प्रवृत्ति के कारण स्थायी आवास न होना है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इन वर्गों के लिये शिक्षा और इनकी नौजवान पीढ़ी को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए अनेक निर्णय लिए गए हैं। प्रदेश के इन वर्गों के कल्याण के लिए 22 जून, 2011 को विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध-घुमक्कड़ जनजाति विभाग का गठन किया गया है। इनके सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक विकास के लिए वर्ष 2017-18 में 49 करोड़ 84 लाख रुपये का बजट प्रावधान भी किया गया है।

शिक्षा विकास की योजना

विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध-घुमक्कड़ जनजातियों के बच्चों का शैक्षणिक पिछड़ापन दूर करने के लिये कक्षा पहली से आगे तक की पढ़ाई के लिए विभिन्न स्तर की छात्रवृत्ति स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से प्रदाय की जाती है। इन बच्चों के लिये आवासीय सुविधा के लिए छात्रावास/आश्रम एवं सामुदायिक कल्याण केन्द्र का संचालन किया जा रहा है, जहाँ इन्हें नि:शुल्क आवास, भोजन, शयन सामग्री, पेयजल, विद्युत सुविधा, खेलकूद सामग्री, पुस्तकालय सुविधा आदि प्रदान की जाती है। आवश्यकतानुसार विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध-घुमक्कड़ जनजाति बहुल क्षेत्रों में नवीन छात्रावास/आश्रम संचालन की कार्यवाही भी की जा रही है।

पोस्टमेट्रिक छात्रवृत्ति योजना

विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध-घुमक्कड़ जनजातियों के सभी छात्र-छात्राओं को अनुसूचित-जाति वर्ग के अनुरूप कक्षा 11 और इसके बाद की कक्षाओं में अध्ययन के लिए इस वर्ष 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे लगभग 1500 विद्यार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस वर्ग के सभी छात्रों को अनुसूचित-जाति वर्ग के समान महाविद्यालयीन स्तर पर छात्रवृत्ति प्रदाय की जाएगी। इसके लिए छात्रवृत्ति पोर्टल में आवश्यक प्रावधान कर दिया गया है। कक्षा 11 में प्रवेश लेने वाली विमुक्त घुमक्कड़ एवं अर्द्ध-घुमक्कड जनजातियों के छात्राओं को 3 हजार रूपये छात्रवृत्ति के अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इस वर्ष बजट में 29 लाख रुपये की राशि से 9666 छात्राओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अद्धघुमक्कड़ जनजातियों के 6494 बच्चों को 140 छात्रावास/आश्रम के माध्यम से लाभान्वित करने के लिए बजट में 21 करोड़ 40 लाख 15 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। इन वर्गों के योग्यता प्राप्त शिक्षित अभ्यथियों को मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग एवं संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में विभिन्न स्तरों में सफलता प्राप्त करने पर प्रोत्साहन राशि दी जाती है। संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने पर 40 हजार, मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने पर 60 हजार तथा साक्षात्कार में उत्तीर्ण होने पर 50 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसी प्रकार, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने पर 20 हजार रूपये, मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने पर 30 हजार तथा साक्षात्कार में उत्तीर्ण करने पर 25 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है।

मध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड परीक्षा एवं व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित पी.ई.टी./पी.ए.टी. आदि परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले विमुक्त घुमक्कड़, अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति के विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क की प्रतिपूर्ति किये जाने के लिए इस वर्ष 4 लाख 30 हजार रूपये का प्रावधान किया गया है। इससे लगभग 5 हजार विद्यार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है।

विमुक्त घुमक्कड़, अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति के लोगों की अहम् समस्या स्थाई आवास न होना है। इन जनजातियों की इस समस्या को दूर करने के लिए इन्हे एक स्थान पर आवासीय सुविधा देने के लिए विमुक्त जाति आवास योजना संचालित की गयी है। इन आवासों को क्लस्टर के रूप में सुनियोजित रूप से बनाकर यहाँ सभी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। योजनान्तर्गत 60 हजार रुपये नगद अनुदान तथा 10 हजार रुपये श्रम अनुदान दिया जाता है। वर्ष 2017-18 में इस कार्य के लिए 6 करोड़ 30 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है। इससे 1050 आवासहीनों को आवास निर्माण के लिए अनुदान दिया जायेगा।

विमुक्त घुमक्कड़, अर्द्धघुमक्कड़ बाहुल्य बस्तियों, ग्राम,वार्ड, मोहल्ले, मजरे, टोलों एवं डेरों में अधोसंरचना विकास के लिए विमुक्त जाति बस्ती विकास योजना संचालित है। इसके अंतर्गत सी.सी. रोड़, नाली, सार्वजनिक शौचालय, पेयजल व्यवस्था आदि मूलभूत आवश्श्कताओं की लिए वर्ष 2017-18 में 4 करोड़ 65 लाख रूपये प्रावधान कर 150 निर्माण कार्य कराये जाने का लक्ष्य है।

विमुक्त घुमक्कड़, अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति वर्ग के लोगों के लिए आगामी वित्तीय वर्ष से मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना प्रारंभ की गयी है। इसके लिए लगभग 5 करोड़ 50 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है। विमुक्त घुमक्कड़, अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति वर्ग के लोगों के आर्थिक सम्पन्नता के लिए मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना शुरू की गयी है। इस योजना के लिए इस वर्ष बजट में एक करोड़ रूपये का प्रावधान है।

 
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