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स्मार्ट मध्यप्रदेश के सहज मुख्यमंत्री शिवराज - माया सिंह

भोपाल : मंगलवार, नवम्बर 28, 2017, 18:03 IST
 

मुख्यमंत्रित्व काल के बारह वर्ष पूरे करने पर श्री शिवराज सिंह चौहान को हार्दिक बधाई। प्रदेश में लगातार भाजपा का विजयी झंडा लहराने वाले, 12 वर्षों से निरंतर सत्ता के शीर्ष में रहने वाले मुख्यमंत्री एक सहज, शालीन और मौन क्रान्तिकारी नेता हैं। श्री चौहान की इन सफलताओं का आधार उनका करिश्माई व्यक्तित्व है जो हर नफरत करने वाले के दिल में भी स्नेह और अपनापन भर देता है। पिछले 12 वर्षों में विकास को एक नई दिशा देने के लिए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अनेकों नवाचार और प्रयोग किए हैं, जिसे पूरे देश ने माना है। विकास के नए आयाम रचने और मध्यप्रदेश की ब्रांड़िग से उन्होंने लगभग हर क्षेत्र में तस्वीर बदल दी है।

शिवराज जी के कार्यकाल में प्रदेश बीमारू की इमेज से उभर कर विकासशील राज्य की श्रेणी में खड़ा हुआ है। पर्यटन क्षेत्र हो या कृषि, लगातार जो अवार्ड मध्यप्रदेश को मिले हैं, वो ना सिर्फ सराहनीय हैं बल्कि भविष्य में इसे बरकरार रखने की चुनौती भी है। हर वर्ग के लिए चिन्तित श्री शिवराज सिंह ने जहां किसानों के लिए भावांतर भुगतान योजना लागू की है, वहीं छात्र-छात्राओं के लिये के मेधावी योजना भी शुरू की है। वे जितने सहज और शालीन हैं, उतने ही कडे़ प्रशासक भी हैं।

मुख्यमंत्री के व्यक्तिव का सशस्त्र पहलू व्यापक विचारधारा है। आम आदमी के जीवन में आनंद का प्रतिशत बढ़ाने की चिंता, बच्चों की शिक्षा, महिलाओं का सशक्तिकरण, महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा, गाँव शहर को स्वच्छता में अव्वल लाने का प्रयास, बुजुर्गों की तीर्थ यात्रा की चिंता, हर तरह की छोटी-छोटी सुविधाओं और खुशियों का ध्यान एक मुख्यमंत्री के पद पर रहकर उन्होंने बखूबी किया है।

सेवा, समर्पण और सुशासन को समर्पित इन बारह सालों में कोई भी वर्ग शेष नहीं है, जिसका कल्याण न हुआ हो। महज 8 से 9 वर्ष की उम्र में ग्रामीण मजदूरों के हित में पहली रैली निकाल कर नर्मदा तट पर दो गुना मजदूरी मिलने तक काम बंद करो का नारा देने वाले आज के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान बचपन से ही हर वर्ग के हितों और समस्याओं के लिए खड़े हुए हैं। गाँवों में सामाजिक क्रांति लाने में शिवराज सिंह चौहान के प्रयास और प्रशंसनीय नेतृत्व अत्यंत सराहनीय रहे हैं जो अनेक राज्यों एवं केन्द्र के लिए अनुकरणीय बने। गाँव की बेटी योजना, जननी सुरक्षा एवं प्रसव योजना, उषा किरण, तेजस्विनी, वन स्टॉप सेन्टर, लाड़ो अभियान, मुख्यमंत्री कन्यादान, विवाह योजना, छात्राओं के लिए मुफ्त पुस्तकें, साइकिल, विभिन्न वर्गों के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति और नगरीय निकाय में 50 प्रतिशत महिला आरक्षण कर महिला सशक्तिकरण की दिशा में बेहतरीन काम किए है।

आज शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री के रूप में अपनी एक अलग पहचान बना चुके हैं, जो भले ही प्रदेश के मुखिया हों परंतु जमीन पर जाकर काम करने में कभी परहेज नहीं करते। एक सेवक के रूप में गाँवों के खेतों में जाकर अपनी बात रखते हैं। गरीबों के बीच बैठकर उनके साथ भोजन कर अपनी सहजता का परिचय देते हैं।

मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश की प्रगति के लिये कृषि, औद्योगिकीकरण, स्व-रोजगार और कौशल विकास के क्षेत्र में अनेक नवाचार किए हैं। उद्योगपतियों के लिए मध्यप्रदेश बेस्ट डेस्टीनेशन स्टेट के रूप में स्थापित हुआ है। शिवराज जी युवाओं से कहते हैं कि वे स्व-रोजगार स्थापित कर दूसरों को रोजगार उपलब्ध कराएं। इस प्रदेश से भी टाटा और अंबानी निकलें। सरकार हमेशा इन युवाओं को स्थापित करने में मददगार रहती है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन ने मध्यप्रदेश में शिवराज के नेतृत्व में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। आज की स्थिति में प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मिशन के क्रियान्वयन ने जन-आंदोलन का रूप ले लिया है। लोग अपनी बस्ती, ग्राम, शहर और जिले को शौच मुक्त बनाने के लिए नित नये नवाचार कर रहे हैं।

कुल मिलाकर इन बारह वर्ष में मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश के विकास की एक नई तस्वीर गढ़ी है। अब प्रत्येक प्रदेशवासी गर्व से कह सकता है कि हम मध्यप्रदेश के हैं, जहां बिजली, खेती-किसानी, शिक्षा का देश में सम्मान है।

 
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